‘सरकार को अजूबा मिल नहीं पा रहा है…’, यूपी में मदरसों की जांच पर बिफरे मौलाना शहाबुद्दीन रजवी
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों की विदेशी फंडिंग और लेनदेन की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं. एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम सभी वित्तीय पहलुओं की समीक्षा करेगी. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसपर कहा कि सरकार मदरसों के अंदर से कोई अजूबा ढूंढना चाहती है, लेकिन वह मिल नहीं पा रहा है.
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में मदरसों की विदेशी फंडिंग की जांच के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह मदरसों की पांचवीं बार जांच है. इससे पहले भी कई बार मदरसों की जांच हो चुकी है, चाहे वह मान्यता को लेकर हो या फिर बिल्डिंग को लेकर.
मौलाना रजवी ने बार-बार की जा रही मदरसों की जांच पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ‘मदरसों को जांच से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि उनका रखरखाव ठीक है. लेकिन अब सरकार एक नए तरीके से जांच करना चाहती है. मदरसों के अंदर से कोई अजूबा ढूंढना चाहती है, लेकिन वह अजूबा मिल नहीं पा रहा है.’
हमेशा मदरसों की ही जांच क्यों- मौलाना यासूब
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने साफ कहा कि मदरसों को जांच से कोई परेशानी नहीं है. सरकार जितनी बार चाहे जांच करा सकती है, क्योंकि मदरसों का रखरखाव पूरी तरह से ठीक है और किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है. अगर कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तो सरकार को उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर करनी चाहिए.
वहीं, शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने भी इसपर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मदरसों की जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फंडिंग कहां से आ रही है और कौन सा मदरसा सरकारी है या निजी. साथ ही सवाल उठाया कि ‘हमेशा मदरसों की ही जांच क्यों की जाती है, शिशु मंदिरों की भी जांच होनी चाहिए ?’
मदरसा संचालकों के भी बैंक खाते खंगाले जाएंगे
योगी सरकार ने यूपी के मदरसों की विदेशी फंडिंग की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है. जांच एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) करेगी. इसमें सभी मदरसों के लेनदेन की जांच और विदेशी फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जाना है. जांच केवल संस्थानों तक ही सीमित नहीं रहेगी, मदरसा संचालकों के निजी खातों की भी समीक्षा होगी.
ATS की निगरानी में मदरसा संचालकों के भी बैंक खाते खंगाले जाएंगे. राज्य में करीब 4000 से ज्यादा मदरसा स्थित है, सभी के संचालक को विशेष जांच टीम (SIT) के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सभी जिला अधिकारियों को भी जांच में साथ देने को कहा गया है. सरकार का कहना है कि जांच का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.