MBBS दाखिले की सनक, दिव्यांग कोटे के लिए युवक ने काट लिया पैरे का पंजा; ऐसे खुली पोल
जौनपुर में MBBS में एडमिशन लेने के लिए एक युवक ने हैरतअंगेज कारनामा कर डाला. दिव्यांग सार्टिफिकेट हासिल करने के लिए उसने अपने पैर का पंजा काट दिया. यहीं नहीं उसने हमले का नाटक कर FIR भी दर्ज करवा दी. लेकिन पुलिस ने जांच की तो युवक का सारा खेल बेनकाब हो गया.
जौनपुर में एक युवक ने मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए दिव्यांग सार्टिफिकेट बनाना चाहा. इसके लिए उसने खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया और अपने बाएं पैर का अंगूठा काट लिया. इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए जानलेवा हमला का झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया. हालांकि, छानबीन के दौरान पुलिस ने उसकी पोल खोल दी.
दरअसल, यह घटना लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव का है. सूरज सोनकर 18 जनवरी की रात खेत में स्थित मकान पर सो रहा था. इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उसके पैर का पंजा कटा मिला. परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. आरोप लगाया गया कि कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की और बाएं पैर का पंजा काट दिया.
सूरज भास्कर की डायरी मिलने से खुल गई पोल
इस मामले में सूरज के भाई आशीष भास्कर ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. घटना के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई. जब पीड़ित और परिजनों से घटना के बारे में पूछा गया तो उनके बयान अलग-अलग मिले. इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद की, लेकिन उस दौरान वहां किसी दूसरे की लोकेशन नहीं मिली.
हालांकि, घायल युवक के प्रेमिका से बातचीत के दौरान पुलिस को बड़े सबूत हाथ लग गए. पुलिस ने जब घर से लेकर घटनास्थल तक छानबीन की तो सूरज भास्कर की डायरी हाथ लगी. इस में डायरी में सूरज अपने बारे में लिखता था. एक पेज पर उसने लिखा था कि वह 2026 में किसी भी तरह एमबीबीएस में एडमिशन लेकर रहेगा.
खुद को एनेस्थीसिया देकर बाएं पैर का पंजा काटा
दरअसल, सूरज एमबीबीएस की तैयारी कर रहा था. पिछले साल वह दिव्यांग कोटे से एडमिशन लेने के लिए प्रयास किया था. लेकिन बीएचयू अस्पताल वाराणसी से काफी प्रयास के बावजूद उसका दिव्यांग सर्टिफकेट नहीं बनाया गया. इसके बाद डॉ बनने की सनक में उसने दिव्यांग सर्टिफकेट लेने के लिए ऐसा खौफनाक तरीका अपनाया.
युवक ने खुद को एनेस्थीसिया की डोज दी और बाएं पैर का पंजा काट दिया. पंजा काटने के बाद घरवालों को फोन करके बताया कि कई लोग आकर उसकी पिटाई किए और पैर का पंजा काट दिए. छानबीन के दौरान पुलिस ने खेत में फेंके गए एनेस्थीसिया इंजेक्शन के रैपर और डिस्पोजल को बरामद किया. हालांकि, कटे हुए पैर के पंजे अभी गायब हैं.
पुछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी- IPS
जौनपुर के ट्रेनी IPS गोल्डी गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल पर सूरज और उसके परिवार वालों के अलावा और कोई नहीं गया था. सूरज ने खुद को इंजेक्शन देकर पैर का पंजा काटा. उसका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है और स्थिति खतरे से बाहर है. युवक से पुछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट के लिए ऐसा कदम उठाया था.