सरकार ने स्कूल के लिए आरक्षित की थी जमीन, मेयर ने कर लिया कब्जा; अब चला बुलडोजर
मुरादाबाद में मेयर विनोद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था. 10 बीघा से अधिक भूमि पर बाउंड्रीवॉल बनाने के बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया है. मेयर इसे अपनी खरीदी हुई जमीन बता रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने पूरी जमीन खाली करा दी है. इस घटना से शहर के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप है.
उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां की जनता ने जिन्हें शहर को कब्जा मुक्त करने की जिम्मेदारी दी थी, उन्होंने 10 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर ना केवल कब्जा कर लिया, बल्कि बाउंड्रीवॉल बनाकर अपना बोर्ड भी लगा दिया. हालांकि प्रशासन ने पूरी जमीन की पैमाइश के बाद इस बाउंड्रीवॉल को रौंद दिया है. मामला मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल से जुड़ा है. प्रशासन का दावा है कि यह जमीन ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय’के लिए आरक्षित थी. वहीं मेयर इसे अपनी खरीदी हुई जमीन बता रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक बीजेपी नेता और मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे से सटे करीब 10 बीघा जमीन को घेर रखा था. इस संबंध में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रोजेक्ट मैनेजर ने डीएम को शिकायत दी थी. इसके बाद प्रशासन की टीम ने इस जमीन पर किए बाउंड्री वॉल पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है. प्रशासन का दावा है कि यह जमीन पूरी तरह सरकारी है और इसे प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय’ के निर्माण के लिए आरक्षित किया गया था.
मेयर ने खुद को बताया विक्टिम
वहीं, इस कार्रवाई पर सफाई देते हुए मेयर विनोद अग्रवाल ने खुद को विक्टिम बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह जमीन 10 साल पहले आजाद समाज पार्टी के नेता चांद बाबू मलिक से खरीदी थी. उन्होंने अपने इस जमीन के दस्तावेज होने का भी दावा किया. उन्होंने इस संबंध में शासन और प्रशासन के सामने अपना पक्ष भी रखा है. हालांकि इस हाई-प्रोफाइल मामले में जिला प्रशासन ने अब चुप्पी साध ली है. इस कार्रवाई के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.
ऐसे हुआ खुलासा
‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय’ योजना मुख्यमंत्री की उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है. मुरादाबाद में सरकार ने इस योजना के तहत पुराने टोल प्लाजा के पास धीमरी गांव के पास 6 एकड़ जमीन चिह्नित की थी. इस जमीन पर जब स्कूल निर्माण के लिए टीम पहुंची तो पता चला कि यहां पहले से बाउंड्रीवॉल है और इसपर मेयर विनोद अग्रवाल और उनके पार्टनर संजय रस्तोगी तथा बीजेपी नेता अमित चौधरी का कब्जा है. प्रोजेक्ट मैनेजर ने इसकी सूचना जिलाधिकारी और राजस्व विभाग को दी. इसके बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है.