सड़क घेरकर बनी थी सुल्तान शाह की मजार! प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, बुलानी पड़ी पुलिस
मुरादाबाद में सुल्तान शाह की सड़क घेरकर बनी मजार पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया है. यह कार्रवाई मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण में बाधा बन रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस पुरानी मजार को ध्वस्त किया गया. यह उत्तर प्रदेश सरकार के अवैध निर्माण हटाओ अभियान का हिस्सा है. कई चेतावनियों के बावजूद इसे न हटाने पर यह सख्त कदम उठाया गया.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित सुल्तान शाह की मजार पर आखिरकर बुलडोजर कार्रवाई हो ही गई. मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण में बाधा बने इस मजार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में जारी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के तहत किया गया है. यह मजार सड़क के लिए आरक्षित जमीन के दायरे में बनी थी.
जानकारी के मुताबिक यह काफी पुरानी मजार थी. सुल्तान शाह के नाम से जानी जाने वाली इस मजार को हटाने के लिए काफी समय से प्रयास किया जा रहा था, लेकिन समुदाय विशेष के लोगों के विरोध के चलते यह कार्रवाई अंजाम तक नहीं पहुंच पा रही थी. इसकी वजह से हाईवे का विकास कार्य ठप हो गया था. इस बार प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा और इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया है.
भारी संख्या में तैनात रही फोर्स
इस कार्रवाई के दौरान बवाल होने की आशंका थी. इसलिए डीएम मुरादाबाद के निर्देश पर मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. पुलिस और प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी खुद भी मौके पर मुस्तैद रहे. पूरे एरिया को घेर कर चार बुलडोजर लगाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया. प्रशासन के मुताबिक इस कारवाई में अवैध रूप से बने ढांचे को ढहा दिया गया है. इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप तो मचा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी की वजह से कोई विरोध नहीं हो सका.
नगरायुक्त की मौजूदगी में एक्शन
इस पूरी कार्रवाई के दौरान मुरादाबाद के अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन द्वारा इस अवैध अतिक्रमण को स्वेच्छा से हटाने के लिए संबंधित लोगों को पहले ही निर्देशित किया था. यह ढांचा नाले के ऊपर और मुख्य रोड की पटरी पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाया गया था. जिससे यातायात और सड़क के विकास कार्य में बाधा आ रही थी. लोगों को बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब अतिक्रमण को नहीं हटाया गया तो प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा है.