इस बार वोट नहीं कर पाएंगी सबसे बुजुर्ग महिला वोटर! लिस्ट से कट गया नाम, आजादी के बाद से करती आ रहीं मतदान
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर की 118 वर्षीय सबसे बुजुर्ग वोटर रामरती का नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट से कट गया है. आजादी के बाद से लगातार मतदान करती आ रहीं रामरती के परिजनों ने इस पर सवाल उठाए हैं. लोकसभा चुनाव में प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया था, जबकि अब उनका नाम नहीं है. पंचायती राज मंत्री ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है.
उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर जिले की सबसे बुजुर्ग वोटर रामरती इस बार पंचायत चुनाव में वोट नहीं कर पाएंगी. आजादी के बाद पहले चुनाव से ही लगातार वोट करती आ रहीं रामरती का नाम इस बार पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट से कट गया है. तकरीबन 118 साल की हो चुकीं इस रामरती का नाम वोटर लिस्ट में ना होने पर परिजनों ने वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
जिले की सबसे बुजुर्ग महिला वोटर रामरती टांडा तहसील क्षेत्र के गांव पैकोलिया के रहने वाले स्व. विश्वनाथ की पत्नी हैं. अब तक की पंचायत वोटर लिस्ट में उनका नाम मकान नंबर 144 और क्रम संख्या 914 पर दर्ज था. अब उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने जो नई और अपडेट वोटर लिस्ट जारी की है, उसमें रामरती का नाम ही नहीं है. जबकि रामरती अभी जिंदा हैं और पूरी तरह स्वस्थ होने के साथ ही बातचीत करने में भी सक्षम हैं.
लोकसभा चुनाव में हुआ था सम्मान
2024 के लोकसभा चुनाव में रामरती वोट करने पहुंची तो बूथ पर जिला प्रशासन ने इनका सम्मान किया था. प्रशासन ने उन्हें बग्घी पर बिठा कर ढोल बाजे के साथ इनका मतदान कराया था. रामरती को आजादी के पहले की कहानी भी याद है. उन्होंने बताया कि आजादी के पहले अंग्रेज कैसे लोगों पर सितम ढाते थे. खेतों में जबरन काम कराते थे. रामरती कहती है कि आजादी के पहले एक बार महात्मा गांधी उनके गांव आए थे. उस समय उन्होंने अपने हाथों से गांधी जी को दूध पिलाया था.
बेटे ने उठाया सवाल
रामरती के बड़े बेटे देवी प्रसाद ने इस वोटर लिस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी मां भले ही 118 साल की हो चुकी है, लेकिन स्वस्थ हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इस बार पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट से नाम कैसे काट दिया गया. उधर, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इसकी जांच कराने का भरोसा दिया है.