मसूरी में आफत की बारिश, देहरादून रोड पर दरका पहाड़; लैंडस्लाइड में फंसे हजारों वाहन

उत्तराखंड में भारी बारिश से मसूरी-देहरादून मार्ग पर 'दरका पहाड़' के पास भीषण भूस्खलन हुआ है. इससे सड़क पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात ठप हो गया, हजारों वाहन जाम में फंसे हैं. PWD और फायर सर्विस टीमें मार्ग खोलने में जुटी हैं. पर्यटकों और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, स्थायी समाधान की मांग की जा रही है.

मसूरी देहरादून रोड पर लैंड स्लाइड Image Credit:

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पहाड़ों की रानी मसूरी में इस बारिश की वजह से लगातार भूस्खलन की खबरें आ रही हैं. सोमवार को एक बार फिर मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ है. इसकी वजह से सड़कों पर मलबा जमा हो गया है और यातायात बाधित हो गया. हालात को देखते हुए पुलिस ने प्रभावित इलाकों में सड़क यातायात पूरी तरह बंद कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक पानी वाले बैंड के पास भारी मात्रा में मलबा और पत्थर के अलावा पेड़ सड़क पर गिरे हैं. इससे मार्ग पर यातायात बंद हो गया. वहीं गलोगी धार के पास भी भारी भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आकर गिरे हैं. इसकी वजह से इस सड़क पर भी यातायात ठप है. इससे सड़क के प्रभावित हिस्से के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. एक अनुमान के मुताबिक एक हजार से अधिक वाहन इस जाम में फंसे हैं.

राहत कार्य में जुटी PWD

भूस्खलन की सूचना के बाद मौके पर पहुंची लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी और क्रेन की मदद से पानी वाले बैंड और पावर हाउस के पास सड़क को क्लीयर कराने का काम शुरू कर दिया है. सड़क पर गिरे मलबे और बड़े पत्थरों को हटाया जा रहा है. वहीं सड़क पर गिरे पेड़ को फायर सर्विस की टीम ने काटकर हटाने में जुटी है. संबंधित अधिकारियों के मुताबिक जल्द से जल्द पूरी सड़क को क्लीयर कर यातायात शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है.

सुरक्षा की बढ़ी चिंता

मसूरी-देहरादून मार्ग पर बारिश के दौरान लगातार हो रहे भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों खासतौर पर बाहर से आए पर्यटकों एवं अन्य यात्रियों को डरा दिया है. इन लोगों के सामने सुरक्षा की चिंता सताने लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने जरूरी हैं, ताकि बारिश के दौरान बार-बार मार्ग बंद होने और जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके.

रिपोर्ट: शुभम गैरोला, मसूरी

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