141 स्कूलों पर क्यों चला बुलडोजर? सरकार ने बताई ये वजह, अभी और टूटेंगे जर्जर भवन
गाजीपुर में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने 141 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त कर दिया है. सेफ्टी ऑडिट में 529 स्कूल जर्जर पाए गए थे, जिनमें से 483 को असुरक्षित घोषित किया गया. यह कार्रवाई बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए की गई है. वहीं 55 अन्य स्कूलों को भी जल्द ही गिराया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बेसिक शिक्षा विभाग ने जर्जर स्कूल भवनों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने 141 स्कूलों पर बुलडोजर चला दिया है. वहीं 55 अन्य स्कूलों को तोड़ने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं. विभाग ने यह कदम इन स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया है. इससे पहले बीएसए ने जिले भर के स्कूल भवनों की सेफ्टी ऑडिट कराई थी. इसमें 529 स्कूल जर्जर पाए गए थे.
अधिकारियों के मुताबिक इनकी दोबारा से जांच कराई तो 46 स्कूल मरम्मत योग्य निकले. वहीं बाकी 483 विद्यालय जर्जर घोषित कर दिए गए थे. कई विद्यालयों के वीडियो पिछले दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे. इन सभी भवनों की बदहाल स्थिति की वजह से विभाग की काफी किरकिरी हुई थी. इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जर्जर स्कूलों को गिराने के आदेश दिए हैं.
बड़े हादसे की थी आशंका
विभाग की रिपोर्ट में माना गया है कि इन जर्जर भवनों को गिराने के लिए समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो इनमें किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है. विस्तृत सर्वे के बाद 196 विद्यालय भवन ऐसे पाए गए, जिन्हें तत्काल ध्वस्त किया जाना जरूरी था. इसलिए विभाग ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की और अब तक 141 विद्यालय भवनों को पूरी तरह ध्वस्त कराया जा चुका है.
बाकी स्कूलों पर जल्द चलेगा बुलडोजर
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बताया कि कुछ विद्यालय ऐसे स्थानों पर हैं, जहां जेसीबी मशीन का पहुंचना मुश्किल है. ऐसे भवनों को मजदूरों की मदद से सुरक्षित तरीके से गिराया जा रहा है. शेष 55 जर्जर भवनों को अगले 2 से 3 दिनों में ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है. कभी इन्हीं दीवारों के बीच किसी बच्चे ने पहली बार ‘क ख ग’ लिखा होगा, किसी ने जिंदगी में आगे बढ़ने का सपना देखा होगा और किसी ने शिक्षक से पूछकर अपने भविष्य की राह तलाश की होगी.