नोएडा-ग्रेटर नोएडा में एक ही दिन में 3 सुसाइड, एक जैसी हैं तीनों की वजहें

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक दिन में 3 आत्महत्याओं का मामला सामने आया है. तीनों केस में मानसिक तनाव प्रमुख कारण रहा. फिलहाल, सुसाइड की बढ़ती संख्याएं समाज के लिए एक गंभीर चुनौती के तौर पर मुंह खोले खड़ी हैं.

दोस्ती टूटने पर युवक ने दे दी जान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुसाइड के मामले बढ़े हैं. यहां मंगलवार यानी 13 जनवरी को एक ही दिन में तीन अलग-अलग मामले सामने आया. इसमें एक शख्स ने मानसिक तनाव के चलते अपनी जान दे दी. वहीं, बाकि दो आत्महत्या के मामलों में घरेलू कलह की बात सामने आई है.

मानसिक तनाव के चलते दे दी जान

पहली घटना सूरजपुर थाना क्षेत्र से निकलकर सामने आई. यहां एक सिक्योरिटी गार्ड ने मानसिक तनाव के चलते नशीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर लिया. मृतक की पहचान सत्यवीर के रूप में हुई. वह अलीगढ़ के सकोरिया गांव का रहने वाला था. सत्यवीर अभी एक सप्ताह पहले ही नौकरी की तलाश में ग्रेटर नोएडा आया था. फिलहाल, वह सूरजपुर कस्बे में किराये के कमरे में रह रहा था. हाल ही में उसे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी मिली थी. लेकिन काम का दबाव. फिर नए शहर में अकेलापन और भविष्य की चिंता शायद उसके लिए भारी पड़ गई.

सत्यवीर हर रोज की तरह रात में काम से लौटा. फिर खाना खाया और जाकर अपने कमरे में सो गया. सुबह देर तक उसका दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को शक हुआ. इस दौरान जब लोगों ने उसके कमरे में जाकर देखा तो वह मृत अवस्था में पड़ा मिला. उसके मुंह से झाग निकल रहे थे. पुलिस की शुरुआती जांच में मानसिक तनाव को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है.

पति पत्नी का विवाद बना जानलेवा

दूसरी घटना भी सूरजपुर इलाके के गुलिस्तान पुर से ही निकल कर सामने आई. यहां एक टेंपो चालक ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान राजा के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक सोमवार की रात शराब पीने को लेकर राजा और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था. झगड़े के बाद राजा कमरे में चला गया जबकि उसकी पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में सो गए. रात के समय राजा ने पंखे से फंदा लगाकर खुद की जान दे दी.

पति-पत्नी के झगड़े में गई एक और जान

तीसरा मामला थाना सेक्टर-143 क्षेत्र से निकल कर सामने आया. यहां पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक सुरक्षा गार्ड ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया. मृतक की पहचान सोनू यादव के रूप में हुई है. वह मूल रूप से गाजीपुर जिले का रहने वाला था. पुलिस ने बताया कि सोनू यादव ग्रेटर नोएडा के गढ़ी शाहदरा इलाके में किराये के मकान में रहता था. करीब तीन साल पहले उसने अपने गांव की ही एक युवती से प्रेम विवाह किया था. उसके दो छोटे बच्चे हैं.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सोमवार यानी 12 जनवरी को उसका अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था. झगड़े के बाद सोनू की पत्नी नाराज होकर पास में रहने वाली अपनी चचेरी बहन के घर चली गई. इसके बाद सोनू ने कमरे में जाकर फांसी लगा ली. कुछ देर बाद जब आसपास के लोगों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी.

क्यों बढ़ रहा आत्महत्याओं का सिलसिला?

मानसिक स्वास्थ्य डॉक्टर संजीव कंसल का कहना है कि तेजी से बदलती जीवनशैली आर्थिक दबाव, अकेलापन,पारिवारिक तनाव और संवाद की कमी आत्महत्या के मामलों को बढ़ा रही है. उन्होंने बताया मानसिक तनाव को लोग समय रहते पहचान नहीं पाते हैं. छोटे-छोटे पारिवारिक विवाद गंभीर रूप ले लेते हैं. नौकरी और आर्थिक स्थिति लोगों को अंदर से तोड़ देती है. विशेषज्ञ का कहना है कि समय-समय पर काउंसलिंग,परिवार का सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है.

तीनों की वजहें तकरीबन एक जैसी

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया की तीनों मामलों में अलग-अलग वजहें सामने आई हैं. लेकिन सभी में पारिवारिक या मानसिक तनाव प्रमुख कारण है. उनका कहना है कि आजकल हमारे जीवन शैली में कई ऐसी मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं. इससे हम यह नहीं तय कर पाते कि हमारे लिए अच्छा और बुरा क्या है. इसका सबसे बड़ा कारण है अकेलापन. अकेलेपन में लोग नशे के आदी हो जाते हैं जिनसे समस्याएं और बढ़ जाती है ऐसे में किसी भी तरह के दबाव या तनाव की स्थिति में लोग तुरंत मौत को गले लगा लेते है.

समाज के लिए गंभीर चेतावनी

एक ही दिन में तीन आत्महत्याओं की घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं. यह सवाल खड़ा होता है कि क्या हम अपने आसपास के लोगों की मानसिक स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं या नहीं.मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद अगर समय रहते संभाले जाएं तो कई ज़िंदगियां बचाई जा सकती हैं. यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है तो अकेले न रहें बात करें और अपने परिवार दोस्तो या करीबियों से मदद लें.