PCS बनने से पहले नेतागिरी करते थे CM योगी के समर्थन में रिजाइन करने वाले GST अधिकारी प्रशांत कुमार
अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर पद से इस्तीफा देने वाले प्रशांत कुमार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कहा जा रहा है कि 2013 में पीसीएस की परीक्षा पास करने से पहले प्रशांत सिंह नेतागिरी करते थे. वह पूर्व राज्यसभा सांसद अमर सिंह की राजनीतिक पार्टी (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) से जुड़े हुए थे. वे इस पार्टी से मऊ जिला अध्यक्ष भी थे.
यूपी में दो पीसीएस अफसरों के इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है. पहले पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रशासन के व्यवहार और यूजीसी के नए कानून के विरोध का हवाला देते हुए बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दे दिया. फिर अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपना रिजाइन राज्यपाल को भेज दिया. प्रशांत कुमार ने अपने इस्तीफे में कहा कि वे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से सीएम योगी के खिलाफ दिए बयानों से बेहद आहत थे. इसलिए उन्होंने सीएम योगी के समर्थन में रिजाइन करने का फैसला लिया है.
पीसीएस बनने से पहले नेतागिरी करते थे प्रशांत कुमार
अब प्रशांत कुमार पर नए और हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं. कहा जा रहा है कि 2013 में पीसीएस की परीक्षा पास करने से पहले प्रशांत सिंह राजनीति में खासे सक्रिय थे. वह पूर्व राज्यसभा सांसद अमर सिंह की राजनीतिक पार्टी (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) से जुड़े हुए थे. वे इस पार्टी से मऊ जिला अध्यक्ष भी थे. लेकिन इसके बाद वह प्रशासनिक सेवा में आ गए. उनको पहली पोस्टिंग साल 2013 में सहारनपुर में मिली थी. बता दें कि राजनीति में रहते हुए पीसीएस अधिकारी को तौर पर चयनित होने पर भी प्रशांत कुमार ने प्रशांत कुमार ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं.
प्रशांत पर उनके ही सगे भाई ने लगाए गंभीर आरोप
हालांकि, प्रशांत कुमार सिंह पर उनके ही सगे बड़े भाई विश्वजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगा दिए हैं. विश्वजीत सिंह ने कहा कि प्रशांत कुमार सिंह को फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी मिली है. इसकी जांच चल रही है, जो आखिरी स्टेज में है. भाई का आरोप है कि इस्तीफे का नाटक कर प्रशांत सिंह जांच और रिकवरी से भाग रहे हैं.
‘मेडिकल बोर्ड के सामने हाजिर नहीं हो रहे प्रशांत कुमार’
विश्वजीत सिंह का कहना है कि प्रशांत कुमार सिंह ने आंख की ऐसी बीमारी दिखाई है जो 50 साल से कम उम्र से पहले पूरी दुनिया में किसी को नहीं होती है. उन्होंने नेत्र दिव्यांग सर्टिफिकेट में खुद को 40 प्रतिशत नेत्रहीन बताया है. विश्वजीत सिंह ने प्रशांत कुमार सिंह पर डेट ऑफ बर्थ में भी फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि इस मामले CMO मऊ की तरफ से जांच की जा रही है. वह दो बार मेडिकल बोर्ड के सामने हाजिर नहीं हुए हैं.