गर्भ का सौदा! 15 साल की नाबालिग को IVF सेंटर ले गई सहेली, चालाकी से निकलवा लिए एग… बड़े रैकेट का खुलासा

प्रयागराज में बड़े IVF रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने 15 साल की नाबालिग के एग चालाकी से निकलवाने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह जरूरतमंद लड़कियों को झांसा देकर फर्जी दस्तावेज बनवाकर एग निकलवाता था. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के लोग दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं.

प्रयागराज के आईवीएफ सेंटर में धोखे से निकाला एग Image Credit:

उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां गर्भ का सौदा करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है. इस गिरोह के सदस्य लोगों खासतौर पर लड़कियों को झांसा देकर आईवीएफ सेंटर ले जाते थे और बड़ी चालाकी से उनके एग निकलवा लेते थे. फाफमऊ में रहने वाली एक लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को अरेस्ट किया है. पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में इस गिरोह में शामिल कई सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पुलिस के मुताबिक फाफामऊ के एक रेस्टोरेंट में 15 साल की लड़की काम करती थी. उसके पास अच्छा मोबाइल नहीं था, इसके लिए वह पैसे जुटा रही थी. इसी दौरान इस रेस्टोरेंट में ही काम करने वाली उसकी सहेली ने उसे झांसा दिया और अपनी मां की मदद से रैकेट के लोगों से मिलाया. फिर उसे 10 हजार रुपये देने का झांसा देकर लड़की की सहेली उसे आईवीएफ सेंटर ले गई और उसके एग निकलवा दिए. इसकी जानकारी लड़की की मां को हुई तो उसने पुलिस में सूचना दी है.

विवाहित बता कर निकलवाया एग

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लड़की को झांसे में लेने के बाद एक फर्जी आधार कार्ड बनवाया, फिर उसके विवाहित होने का फर्जी पेपर बनवाया. इन्हीं दस्तावेजों को दिखाकर आरोपियों ने आईवीएफ सेंटर में गैरकानूनी तरीके से पीड़िता का एग निकलवाया. डीसीपी गंगापार कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने लड़की की सहेली पलक, उसकी मां रिंकी, सीमा भारतीया और उसके बेटे हिमांशु भारतीया के अलावा आईवीएफ सेंटर की एजेंट कल्पना भारतीया के खिलाफ मामला दर्ज कर अरेस्ट किया गया है.

अब तक कर चुके हैं दर्जनों वारदात

डीसीपी के मुताबिक मामले की जांच के दौरान पता चला है कि यह गैंग इससे पहले भी दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुका है. मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस गैंग का नेटवर्क पूरे शहर में फैला है. गैंग के लोग जरूरतमंद लड़कियों और महिलाओं को कुछ रुपयों का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे और फिर आईवीएफ सेंटर में ले जाकर उनके एग निकलवा लेते थे. इस खुलासे के बाद प्रयागराज पुलिस ने आईवीएफ सेंटर में हुए तरह के सभी सौदों की लिस्ट मांगी है.

कई अन्य एजेंटों पर भी शक

पुलिस के मुताबिक आईवीएफ सेंटर से सभी एजेंटों और उनके द्वारा कराए गए डोनेशन की भी लिस्ट मांगी गई है. इसमें खासतौर पर सेंटर की पंजीकृत एजेंट कल्पना के बारे में विस्तार से जांच हो रही है. पुलिस पकड़े गए आरोपियों के जरिए भी इस नेटवर्क को खंगालने की कोशिश कर रही है. खासतौर पर देखा जा रहा है कि इस गैंग में कौन-कौन लोग शामिल है.पुलिस के मुताबिक इस मामले में कुछ सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आए हैं.