प्रयागराज में पुलिस बनाम वकील विवाद गहराया, उग्र प्रदर्शन; SHO को हटाने की मांग
प्रयागराज में अधिवक्ताओं ने जॉर्जटाउन पुलिस के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया. वकीलों पर दर्ज FIR और एक महिला अधिवक्ता से कथित छेड़खानी मामले में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश फूटा. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर नारेबाजी की और थाना प्रभारी को हटाने की मांग की है.
प्रयागराज में पुलिस बनाम वकील विवाद तूल पकड़ते जा रहा है. जॉर्जटाउन थाना पुलिस के खिलाफ वकीलों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया. अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर से नाराज वकीलों ने कचहरी परिसर के बाहर सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी और चक्का जाम जैसा प्रदर्शन किया. साथ ही थाना प्रभारी (SHO) को हटाने की मांग की.
जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र में एक मकान के कब्जे से जुड़े मामले को लेकर शुरू हुआ. इसी मामले में पुलिस ने कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में वकील एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शन के दौरान कुछ वकीलों ने सड़क पर टायर-ट्यूब जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया.
DCP सिटी को मौके पर संभालनी पड़ी कमान
वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और उग्र प्रदर्शन किया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे वकीलों से बातचीत की और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, जिसके बाद माहौल सामान्य हुआ.
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि जॉर्जटाउन थाना प्रभारी ने बिना निष्पक्ष जांच के अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. उनका कहना है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की है. इसके साथ ही आरोप लगाया कि एक महिला अधिवक्ता के साथ कथित छेड़खानी की घटना हुई, लेकिन उसकी शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई.
महिला अधिवक्ता की शिकायत पर FIR की मांग
वकीलों ने महिला अधिवक्ता की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जॉर्जटाउन थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की है. फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है. पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में है. दोनों पक्षों के तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.