2 करोड़ का टेंट, 3 लाख स्टूडेंट… प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए राहुल गांधी तैयार करेंगे कांग्रेस की जमीन!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने युवाओं पर फोकस तेज कर दिया है. इसी रणनीति के तहत राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी कॉलेज मैदान में करीब तीन लाख छात्रों के साथ संवाद करेंगे. कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को 'छात्रों की गूंज' नाम दिया है. पार्टी का दावा है कि अब तक 1.60 लाख से अधिक छात्रों का पंजीकरण हो चुका है. कार्यक्रम में रोजगार, पेपर लीक, लंबित भर्तियों और शिक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे.

8 अगस्त को प्रयागराज आ रहे हैं राहुल गांधी Image Credit:

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद अब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज में करीब 3 लाख छात्रों के साथ सीधा संवाद करेंगे. केपी कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित एक बड़े आउटरीच अभियान के रूप में देखा जा रहा है.

राहुल गांधी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए इसे ‘छात्रों की गूंज’ नाम दिया है. पार्टी का दावा है कि अब तक 1.60 लाख से अधिक छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जबकि कार्यक्रम में तीन लाख छात्रों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है.

क्यों अहम है यह कार्यक्रम?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और बेरोजगार वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करना चाहती है. प्रयागराज लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्रमुख केंद्र रहा है. ऐसे में राहुल गांधी का यह कार्यक्रम सीधे उसी वर्ग को संबोधित करेगा, जो रोजगार, भर्ती, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों से सबसे अधिक प्रभावित है.

कार्यक्रम के पोस्टर पर लिखा गया है- ‘जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा.’ पोस्टर में पेपर लीक, लंबित भर्तियों और छात्रों पर हुई कार्रवाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है.

दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा पंडाल

कांग्रेस इस कार्यक्रम को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, ‘करीब दो करोड़ रुपये की लागत से विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है.’ राहुल गांधी के मंच तक पहुंचने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिससे वे छात्रों के बीच जाकर संवाद कर सकें. आयोजन में साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन, सुरक्षा और बैठने की व्यवस्था को हाईटेक बनाया जा रहा है.

राहुल की एंट्री पर होगी आतिशबाजी

कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए राहुल गांधी की एंट्री के समय करीब 10 लाख रुपये की आतिशबाजी की तैयारी की गई है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शाम के समय रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. इसी वजह से कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे होगी, जबकि राहुल गांधी के करीब 7 बजे पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

छात्रों के लिए चाय, पानी और भोजन की व्यवस्था

कार्यक्रम में आने वाले सभी छात्रों के लिए चाय और पेयजल की व्यवस्था की गई है. कुछ चयनित छात्रों और कांग्रेस नेताओं के लिए भोजन की भी व्यवस्था रहेगी. कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों को कांग्रेस की नीतियों और छात्र मुद्दों से संबंधित जानकारी वाली सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी.

फ्री ई-रिक्शा से पहुंचेंगे छात्र

कांग्रेस ने कार्यक्रम में आने वाले छात्रों के लिए फ्री ई-रिक्शा सेवा की भी व्यवस्था की है. ये ई-रिक्शा प्रयागराज रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हॉस्टलों और छात्र बहुल इलाकों- कर्नलगंज, कटरा, सलोरी, छोटा-बड़ा बघाड़ा, शिवकुटी, तेलियरगंज और सदर बाजार से कार्यक्रम स्थल तक छात्रों को लाएंगे और वापस भी छोड़ेंगे. इस सुविधा का लाभ रजिस्टर्ड छात्र अपना आईडी कार्ड दिखाकर उठा सकेंगे.

15 जिलों के छात्रों पर विशेष फोकस

हालांकि कार्यक्रम में पूरे उत्तर प्रदेश के छात्र शामिल हो सकते हैं, लेकिन कांग्रेस ने विशेष रूप से प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, जौनपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही, अयोध्या, कानपुर, आजमगढ़ और मऊ के छात्रों को आमंत्रित करने की रणनीति बनाई है. पूरे कार्यक्रम के प्रबंधन की जिम्मेदारी दिल्ली की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को सौंपी गई है. रजिस्ट्रेशन, बैठने की व्यवस्था, मंच संचालन और तकनीकी प्रबंधन यही कंपनी देख रही है.

मंच पर सिर्फ राहुल गांधी, नारेबाजी नहीं

कांग्रेस ने कार्यक्रम को राजनीतिक रैली के बजाय छात्र संवाद के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है. प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम में राजनीतिक नारेबाजी से बचा जाए और मंच पर केवल राहुल गांधी ही रहें, ताकि पूरा फोकस छात्रों और उनके मुद्दों पर बना रहे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में छात्र आएं कि पैर रखने तक की जगह न बचे.

यूपी चुनाव 2027 की रणनीति का हिस्सा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल छात्र संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस के बड़े राजनीतिक अभियान का हिस्सा है. कांग्रेस पिछले कुछ समय से युवाओं के बीच लगातार सक्रियता बढ़ा रही है. राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में छात्र संवाद कार्यक्रमों के बाद अब प्रयागराज को चुना गया है, जिसे प्रतियोगी छात्रों की राजधानी माना जाता है.

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