राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच का दायरा बढ़ा, अब त्योहारों में खर्च की भी होगी पड़ताल

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी मामले में गठित दूसरी SIT अब अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी. यह टीम सबूतों का नए सिरे से विश्लेषण करेगी और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद लेगी. सूत्रों का कहना है कि अब मंदिर में त्यौहारों पर हुए खर्च की भी पड़ताल होगी.

फाइल फोटो Image Credit:

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए गठित दूसरी विशेष जांच टीम (SIT) अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी. जांच में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज के कई पहलुओं को शामिल किया जाएगा और इसमें फोरेंसिक विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. टीम के जल्द ही अयोध्या पहुंचने की संभावना है.

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. के नेतृत्व वाली SIT अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकती है और भक्तों के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े साक्ष्यों का नए सिरे से विश्लेषण कर सकती है. SIT टीम में अयोध्या रेंज के (डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं.

चंपत राय और अनिल मिश्रा से फिर हो सकती है पूछताछ

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई SIT टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर और एक अन्य विशेषज्ञ को भी शामिल किया गया है. सूत्रों ने बताया कि टीम SBI के अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारी, दान संग्रह और गिनती से जुड़े अन्य लोगों की भी नए सिरे से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित अपराध में इनमें से किसी की भूमिका थी या नहीं.

सूत्रों के अनुसार, नई एसआईटी ने पूछताछ के लिए 200 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं. इसमें ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम भी शामिल है, सभी से पूछताछ की जा सकती है. इस मामले में प्राथमिकी लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली पहली SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी.

राम मंदिर में त्यौहारों पर हुए खर्च की भी होगी जांच- सूत्र

पुलिस ने कथित चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयान दर्ज किए थे. सूत्रों ने यह भी दावा किया कि जांच का दायरा बढ़ाकर मंदिर में धार्मिक समारोहों और त्यौहारों पर हुए खर्च में कथित वित्तीय अनियमितताओं को भी शामिल किया गया है. जबकि, दूसरी ओर ट्रस्ट ने दान प्रबंधन की निगरानी बढ़ा दी है.

ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने शनिवार को कहा कि सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है. 25 जुलाई से दान प्रबंधन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की लगातार वीडियोग्राफी के माध्यम से निगरानी की जा रही है. पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और 8 सदस्यीय निगरानी टीम तैनात की गई है.

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