जिस ट्रेन में सफर कर रहे थे मोहन भागवत, उस पर फिरोजाबाद में हुआ पथराव, कोच का शीशा टूटा

लखनऊ से दिल्ली जा रही शाताब्दी एक्सप्रेस पर फिरोजबाद में पथराव की घटना सामने आई है. पत्थर ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास कोच ई-1 से टकराया, जिससे खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया.इससे यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत भी पथराव से प्रभावित कोच में यात्रा कर रहे थे.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ( प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

गुरुवार यानी 11 जून की शाम लखनऊ से नई दिल्ली की ओर जा रही शताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच पर पथराव की घटना सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. पथराव में उस कोच की एक खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई. जिस कोच का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ, उसी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे. हालांकि घटना में उन्हें या अन्य यात्रियों को किसी प्रकार की चोट नहीं पहुंची.

एग्जीक्यूटिव क्लास कोच ई-1 पर आकर लगा पत्थर

सूत्रों के अनुसार ट्रेन जब मक्खनपुर और फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाहर से पत्थर फेंका गया. पत्थर ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास कोच ई-1 से टकराया, जिससे खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया.अचानक हुई इस घटना से कुछ समय के लिए यात्रियों में हलचल मच गई. बताया जा रहा है कि मोहन भागवत उसी कोच में मौजूद थे, लेकिन वह खिड़की वाली सीट से दूसरी ओर बैठे होने के कारण पूरी तरह सुरक्षित रहे. ट्रेन स्टाफ ने तत्काल स्थिति का आकलन किया और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया.

अलर्ट मोड में आ गई जीआरपी और आरपीएफ

घटना की गंभीरता को देखते हुए टूंडला जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए. ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. अधिकारियों ने कोच के भीतर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा संघ प्रमुख मोहन भागवत का कुशलक्षेम जाना.

रेलवे ने शुरू की जांच

सुरक्षा कारणों से मोहन भागवत को ट्रेन से नीचे नहीं उतारा गया. आवश्यक जांच और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ट्रेन को निर्धारित समय से कुछ देर बाद नई दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया.घटना के बाद आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों ने संबंधित रेलखंड के आसपास जांच अभियान शुरू कर दिया है. आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है. साथ ही रेलवे ट्रैक के किनारे मौजूद लोगों और संभावित चश्मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है.

एडीजी आगरा, एसके भगत ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. पथराव करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान के लिए उपलब्ध तकनीकी और स्थानीय साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

(अभिजीत ठाकुर की रिपोर्ट)

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