4 साल के भांजे की हत्या मामले में हैवान मामा को फांसी की सजा, जज से बोला- अगर छूटा तो फिर मर्डर करूंगा
गाजीपुर में अपने 4 साल के भांजे की हत्या करने वाले मामा को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने कहा कि मां ने अपने बच्चे की हत्या होते देखी, उसके दर्द को बयां नहीं किया जा सकता.दोषी अमजद को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए.
गाजीपुर में 21 अक्टूबर 2021 को एक कलयुगी मामा ने अपने ही भांजे की बेरहमी से हत्या कर दी थी. अब अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई है. सजा सुनाने से पहले केस की सुनवाई कर रहे जज शक्ति सिंह ने जब हत्यारे मामा से पूछा कि अगर तुम्हें छोड़ दिया जाए तो क्या करोगे. इस पर दोषी अमजद खान ने जो कहा, उसने जज को भी हैरान कर दिया. उसने कहा कि अगर कोई मुझसे उलझेगा तो मैं उसकी भी हत्या कर दूंगा.
कोर्ट बोला-मां के दर्द को बयां नहीं किया जा सकता
अमजद खान ने जज से यह भी कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है. ऐसे में जज शक्ति सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा- मां ने अपने बच्चे की हत्या होते देखी, उसके दर्द को बयां नहीं किया जा सकता. बच्चे की उम्र महज 4 साल थी. उसे दुनिया की भलाई-बुराई की समझ नहीं थी. बच्चे की हत्या करते वक्त सारी क्रूरता पार कर दी गई थी. दोषी अमजद को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए.
बहन से मामूली विवाद पर रेत दिया था भांजे का गला
साल 2021 के अक्टूबर महीने में 4 साल का दानियाल उर्फ अदनान खान अपनी मां शबाना नाज के साथ गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में अपने ननिहाल आया था. इसी दौरान आरोपी की अपनी बहन से मामूली विवाद हो गया. गुस्साए अमजद ने अपने भांजे का ही गला चाकू से काट दिया. इस दौरान बच्चे का गर्दन पूरी तरह लटक गया था. उसका सिर महज 4 इंच ही गर्दन से जुड़ा हुआ था.
सगे भाई और बहनों ने दी गवाही
अमजद के खिलाफ उसके खुद के भाई और बहनों ने गवाही दी. इस मामले में कुल 9 लोगों की गवाही हुई. इसमें आरोपी की तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल थे. सभी साक्ष्यों और गवाहियों पर गौर करने के बाद अदालत ने अमजद को दोषी करार दिया. अब उसे मौत की सजा सुनाई गई है.
मासूम का पिता बोला-बेटी की कमी नहीं हो सकती पूरी
अमजद को फांसी की सजा की जानकारी मिलने के बाद दनियाल के पिता ने कहा कि दनियाल उसका इकलौता बेटा था. अब भी उसकी याद आती है. बेटे की कमी कभी नहीं पूरी हो सकती है. बता दें दनियाल की मौत के बाद उसकी मां शबाना नाज को एक और बेटा हुआ. उसकी उम्र तकरीबन 2 साल है.