सहारनपुर कांग्रेस में थप्पड़कांड! महानगर अध्यक्ष पर थप्पड़ मारने का आरोप, अजय राय से शिकायत

सहारनपुर कांग्रेस में राम मंदिर चंदा प्रदर्शन के दौरान 'थप्पड़कांड' सामने आया है. पूर्व सचिव प्रमजीत सिंह ने महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी पर सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारने और मारपीट का आरोप लगाया है. वायरल वीडियो के बाद मामला गरमा गया है. त्यागी ने आरोपों को निराधार बताया है.

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष पर थप्पड़ मारने का आरोप

सहारनपुर में राम मंदिर चंदा मामले को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के भीतर विवाद खुलकर सामने आ गया. महानगर कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रमजीत सिंह ने महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी पर सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारने, गाली-गलौज करने और मारपीट कराने का आरोप लगाया है. घटना के कथित वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ गया है.

प्रमजीत सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है. शिकायत के अनुसार, 7 जुलाई की शाम राम मंदिर चंदा मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को दो पंक्तियों में खड़ा करने को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि इसी दौरान मनीष त्यागी ने उन्हें थप्पड़ मारा और अभद्र भाषा का प्रयोग किया.

थप्पड़ मारा, फिर डंडा मंगवाकर मारपीट कराई

अपने शिकायत पत्र में प्रमजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया गया है कि एक अन्य कार्यकर्ता से डंडा मंगवाकर उनके साथ मारपीट कराई गई. हालांकि मौके पर मौजूद अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया. आरोप है कि मनीष त्यागी बैठकों में भी अक्सर कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे असंतोष का माहौल है.

उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से मामले की जांच कराते हुए महानगर अध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. वहीं, इस मामले में जब महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी से उनका पक्ष लिया गया तो उन्होंने सभी आरोपों को खारिज कर दिया. मनीष त्यागी का कहना है कि संबंधित कार्यकर्ता शराब के नशे में था और उसे कार्यक्रम स्थल से हटाया गया था.

थप्पड़ मारने की कोई घटना नहीं हुई- मनीष त्यागी

महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने स्पष्ट रूप से कहा कि थप्पड़ मारने की कोई घटना नहीं हुई और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं. फिलहाल, वायरल वीडियो और शिकायत पत्र के बाद कांग्रेस के भीतर मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है. प्रदेश नेतृत्व की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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