पहले राह भटकाया, फिर नाले में लटकाया; गूगल मैप के सहारे चले कार सवारों की मुश्किल से बची जान
गूगल मैप की वजह से एक बार फिर एक कार सवार की जान पर बन आई. उन्नाव में शादी में जा रही एक कार को मैप ने नाले में फंसा दिया, जहां ड्राइवर और सहयात्री बाल-बाल बचे. यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले बदायूं और बरेली में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं.
गूगल मैप के सहारे यात्रा आसान तो हुई हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही दुर्घटना की खबरों ने वाहन चालकों को डराकर रख दिया है. एक बार इस गूगल मैप ने एक कार को नाले में लटका दिया. गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों की नजर पड़ गई और बड़ी मुश्किल से कार को नाले से बाहर निकाला जा सका. इस तरह की घटना कोई पहली बार नहीं हुई है. इससे पहले पिछले साल बदायूं में एक कार गूगल मैप के सहारे चलतू हुए अधूरे पुल से नदी में गिर गई थी. इसी प्रकार बरेली और बहराइच में भी गाड़ियों के नाले और तालाब में फंसने की खबरें आईं थीं.
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का है. शनिवार को कानपुर से चलकर यहां तीन-चार दोस्त कार में सवार होकर एक शादी समारोह में जा रहे थे. चूंकि रास्ता अनजाना था, लेकिन इन्होंने गूगल मैप लगा लिया. इस नेविगेशन ने पहले तो इन्हें रास्ते में खूब भटकाया. कभी गलियों में घुमाया तो कभी टूटी फूटी सड़कों पर नचाया. जैसे तैसे ये लोग बाहर निकले तो इनकी कार एक नाले में फंस गई. गनीमत रही कि वहां कुछ लोग मौजूद थे. जिन्होंने इनकी कार को नाले से बाहर निकाला.
दोस्त के घर में थी शादी
कानपुर के नौबस्ता निवासी संदीप और सुनील कुमार के दोस्त सूर्यपाल यादव उन्नाव के बारासगवर थाना क्षेत्र के भगवंतखेड़ा गांव में रहते हैं. उनके घर में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए संदीप और सुनील कार में सवार होकर चले. चूंकि उन्हें रास्ते की सही जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने भगवंतखेड़ा गांव की लोकेशन लगाई और चल दिए. कुछ दूर चलने के बाद गूगल मैप ने उन्हें गांव की गलियों में भटकाया, फिर भगवंतखेड़ा गांव से पहले एक नाले पर चढ़ा दिया, जहां इनकी गाड़ी फंस गई.
बीघापुर-रुझई मार्ग पर हादसा
संदीप के मुताबिक बीघापुर-रुझई मार्ग पर आगे पैदल जाने का रास्ता था. यह देखकर उन लोगों ने गाड़ी बैक करनी चाही, लेकिन गाड़ी नाले में फंस गई. कार को खतरनाक स्थिति में फंसे देखकर वो लोग घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे. गनीमत रही कि आसपास मौजूद कुछ लोग दौड़कर आए और बड़ी मुश्किल से गाड़ी को उठाकर नाले से बाहर निकाला. इसके बाद हाइड्रा मशीन की मदद से कार को वहां से हटाया गया.