चौकीदार, शिक्षक से लेकर डॉक्टर तक… UP में 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ी, EPF-ESI भी मिलेगा
योगी सरकार ने 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. इन कर्मचारियों का मानदेय 8 से 11 हजार रुपये तक बढ़ा दिया गया है. साथ ही इन्हें अब सामाजिक सुरक्षा भी दी है. अब इन कर्मचारियों को 13% ईपीएफ और 3.25% ईएसआई एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस का लाभ भी मिलेगा.
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले दो लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. इन कर्मचारियों का मानदेय 8 से 11 हजार रुपये तक बढ़ा दिया गया है. चपरासी, डाटा एंट्री ऑपरेटर और शिक्षक से लेकर डॉक्टर तक के वेतन में भारी बढ़ोतरी की हई है. साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को EPF-ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद विधानसभा में इसकी घोषणा की थी. इसके लिए सरकार ने संबंधित विभाग के बजट में 426 करोड़ रुपये का इजाफा किया था. वहीं, अब कुल 2223.84 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए. यह बढ़ी हुई सैलरी अप्रैल 2025 से लागू होगी. इसके साथ ही अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के जरिए भर्तियां होंगी.
शिक्षक को 25 हजार, डॉक्टर को 40 हजार तक मिलेंगे
सरकार ने आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती होने वाले सभी पदों के लिए न्यूनतम वेतन दरें भी तय कर दी हैं. अब चपरासी और चौकीदार को 10 हजार की जगह 18 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि अनुवादक, कंप्यूटर सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर को 14 हजार की जगह 23 हजार रुपये वेतन मिलेगा. वहीं, शिक्षण कर्मचारियों को 25 हजार रुपये तक वेतन मिलेगा.
इसके अलावा, डॉक्टरों को 40 हजार रुपये तक की सैलरी दी जाएगी. अब इन कर्मचारियों को 13 प्रतिशत ईपीएफ प्रॉविडेंट फंड और 3.25 प्रतिशत ईएसआई एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस का लाभ भी मिलेगा. साथ ही सरकार का कहना है कि UPCOS के माध्यम से अब न तो भर्तियों में अनियमितता होगी और न ही कर्मचारियों का शोषण।
UPCOS का गठन, अब भर्तियां आरक्षण के साथ होगी
पिछले दिनों सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम अपकस का गठन किया है. अब सभी आउटसोर्सिंग भर्तियां इसी निगम के जरिए होंगी. पहले अलग-अलग एजेंसियां ठेके पर कर्मचारियों की नियुक्ति करती थीं, जिससे उनका जमकर शोषण होता था. समय पर वेतन नहीं मिलता था और तय मानदेय भी नहीं दिया जाता था.
अब नए व्यवस्था से न केवल भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि विपक्ष के आरोपों का भी जवाब मिल गया है. साथ ही अब आउटसोर्सिंग पदों पर भी आरक्षण का पूरा प्रावधान लागू किया गया है. इसके तहत नुसूचित जाति SC 21%, अनुसूचित जनजाति ST 2%, अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी 27%, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग EWS को 10% आरक्षण मिलेगा.