पुलिस भर्ती 2023 में घोटाले का खुलासा, फर्जी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र से नौकरी पाने वाले 8 सिपाही पर FIR

प्रतापगढ़ में पुलिस भर्ती 2023 के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले एक महिला समेत 8 सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. ये सभी खुद को स्वतंत्रता सेनानी परिवार का आश्रित बता तक नौकरी हासिल कर ली थी. इस खुलासे के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है.

प्रतापगढ़ में स्वतंत्रता सेनानी कोटे से नौकरी पाने वाले 8 सिपाही पर FIR Image Credit:

उत्तर प्रदेश पुलिस सीधी परिक्षा-2023 में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर उजागर है. प्रतापगढ़ में फर्जी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र से नौकरी कर रहे 8 सिपाही पर मुकदमा दर्ज हुआ है, इसमें एक महिला भी शामिल है. ये सभी खुद को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार का आश्रित बताते हुए उसका लाभ लेकर सिपाही की नौकरी हासिल कर ली थी.

2023 की सीधी भर्ती में शामिल इन आरोपियों के प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए. इस खुलासे के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है. इन लोगों ने तीन महीने पहले प्रतापगढ़ में रिक्रूट कैंप में ट्रेनिंग ली और बाद में उन्हें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर पोस्ट किया गया था. रिक्रूट ट्रेनिंग कैंप के इंचार्ज SI राजेश कुमार यादव ने यह मुकदमा केस दर्ज कराया है.

बांदा में शिकायत, प्रतापगढ़ में खुला फर्जीवाड़ा

जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज के अधिवक्ता अभयराज सिंह ने सबसे पहले इस मामले में शिकायत की थी. उन्होंने शुभम दुबे की भर्ती पर सवाल करते हुए बांदा जिले में शिकायत की गई थी. बांदा पुलिस ने जांच में पाया कि सभी की तैनाती प्रतापगढ़ में है, जिसके बाद मामला प्रतापगढ़ पुलिस को हस्तांतरित किया गया और आरक्षियों पर मुकदमा दर्ज हुआ.

जांच में महिला समेत कुल 8 सिपाहियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, उनके परिवार में कोई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं थे. सभी आरोपी मिर्जापुर के रहने वाले हैं. ​ इन सभी आरोपियों पर नगर कोतवाली प्रतापगढ़ में जालसाजी का केस दर्ज किया गया है. उप निरीक्षक अनुपम त्रिपाठी को मामले की विस्तृत जांच और छानबीन की जिम्मेदारी दी गई है.

इन सिपाहियों पर दर्ज हुई जालसाजी का केस

आरोपियों में अभिषेक पांडेय पुत्र मनोज कुमार और रवि शंकर पुत्र प्रभु नाथ, ये दोनों मीरजापुर के जिगना थाना के रहने वाले हैं वहीं, विंध्याचल थाना के प्रदीप कुमार पुत्र इंदमनी, अजय कुमार पुत्र जीत नारायन, शुभम दुबे पुत्र संजय, खुशबू गुप्ता पुत्री राजेश गुप्ता, आकाश मिश्रा पुत्र अरुण कुमार मिश्रा और दिव्यांशु यादव पुत्र परमेश्वर यादव शामिल है.

यह मुकदमा बीते 5 जून को ही दर्ज हो गया था. लेकिन अब तक मामला दबा कर रखा गया था जो आज उजागर हुआ. यह मामला उजागर होने के कयास लग रहे हैं कि अगर प्रदेश भर में जांच हो चौकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.

Follow Us