‘जनता जवाब मांग रही…’, UP में बिजली कटौती BJP विधायकों पर भी भारी; ऊर्जा मंत्री को लिखा लेटर
यूपी में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहरा रहा है. लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में 8-24 घंटे की कटौती ने लोगों को सड़कों पर ला दिया है. बढ़ती मांग और लचर व्यवस्था बड़ी चुनौती बन गया है. आम जनता के साथ बीजेपी विधायक भी ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर विरोध जता रहे हैं. अखिलेश यादव ने भी चुटकी ली है.
उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती से आम जनता के साथ-साथ सत्ताधारी बीजेपी विधायक भी परेशान हैं. कई विधायकों ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर जनता के गुस्से को व्यक्त किया है. लखनऊ, कानपुर सहित अनेक जिलों में लंबी कटौती के कारण लोग सड़कों पर उतर आए हैं. यह संकट बढ़ती बिजली की मांग और लचर व्यवस्था पर बड़ा सवाल है.
भीषण गर्मी के बीच यूपी में बिजली की मांग 30,000 मेगावाट के पार पहुंच गई है. बिजली कटौती विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के लिए भी सिरदर्द बन गया है. कई जिलों में लंबी बिजली कटौती से लोग बेकाबू हो रहे हैं. जनता की नाराजगी सीधा स्थानीय विधायकों को झेलना पड़ा है. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोई नई व्यवस्था नहीं बनाने पर सवाल किया.
फैजुल्लागंज-लखनऊ पूर्वी में 8-14 घंटे पावर कट
लखनऊ के कई इलाकों में बुधवार रात लंबे पावर कट हुए. फैजुल्लागंज, सरोजिनी नगर और लखनऊ पूर्वी सहित अनेक क्षेत्रों में 8 से 24 घंटे तक बिजली गुल रही. परेशान लोगों ने सड़क जाम कर दिया, सबस्टेशन पर हंगामा किया. फैजुल्लागंज जैसे इवाकों में 100 से ज्यादा लोग सबस्टेशन पर जमा थे. जेई आकर्ष श्रीवास्तव ने भी माना कि समस्या तो है.
उन्होंने कहा कि चार नए ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत हुए हैं और ज्यादा लोड के लिए वायर और फ्यूज अपडेट किए जा रहे हैं. लखनऊ पश्चिम से सपा विधायक अरमान खान ने तो बुधवार को तालकटोरा बिजली घर परिसर में धरने पर बैठ गए थे.कानपुर में मंगलवार रात पांच घंटे बिजली कटी रही. अमेठी, बरेली, गोण्डा, एटा और अलीगढ़ से भी भारी शिकायतें आ रही हैं.
ऊर्जा मंत्री के पास शिकायती पत्रों का लगा बाढ़
सरोजनी नगर लखनऊ बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री को विस्तृत पत्र लिखा और जरूरी सुझाव दिए. लखनऊ पूर्वी से बीजेपी विधायक ओपी श्रीवास्तव ने बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग करते हुए ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा. वहीं, गोण्डा सदर से विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने पत्र लिखकर ऊर्जा मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए समय मांगा है.
रायबरेली के सलोन से बीजेपी विधायक अशोक कोरी के पास इतने शिकायत कॉल आए कि वे गुस्से में आ गए. उन्होंने गाड़ी में बैठकर बिजली विभाग के अधिकारियों को जमकर हड़काया और पूरा वीडियो जारी कर दिया. रायबरेली के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार कटौती हो रही है. लखनऊ से सपा विधायक नीरज बोरा ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की.
सत्ता पक्ष के विधायक भी चुप नहीं रह पा रहे- अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते कहा कि इस सरकार ने बिजली बनाने की कोई नई व्यवस्था नहीं बनाई. पुरानी व्यवस्था पर निर्भर रहने के कारण गर्मी में यह संकट खड़ा हुआ है. समस्या अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि सत्ता पक्ष के विधायक भी चुप नहीं रह पा रहे हैं. वहीं, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने UPPCL के MD को पत्र लिखा है.
उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग 30,000 मेगावाट के पार पहुंच गई है. ऊर्जा मंत्री ने एके शर्मा ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि रिकॉर्ड मांग को पूरा किया जा रहा है, लेकिन ग्राउंड पर हालात अलग हैं. अधिकारी भी मानते हैं कि पावर शॉर्टेज के साथ मेंटेनेंस और लोड मैनेजमेंट में स्लो काम हो रहा है. आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की आशंका है.