दोस्त-दोस्त न रहा…. यूजीसी के नए नियमों ने दो दोस्तों को बना दिया दुश्मन और जंग का मैदान बना BHU
यूजीसी के नए नियमों को लेकर बीएचयू में बवाल मचा हुआ है. दो दोस्त जो कभी एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे, वे एक दूसरे के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा रहे हैं. आइए जानते हैं कि यूजीसी के नियमों ने दो दोस्तों में कैसे रार पैदा कर दिया है.
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में यूजीसी की तरफ से लाए गए नए कानून को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब हिंसक रूप लेने लगा है. एक छात्र पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है. जिनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती थी. वे आज एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहे हैं. यूजीसी के नए नियमों ने बीएचयू कैंपस के छात्रों को अलग अलग जाति समूहों में बांट दिया है.
आदर्श कुमार यादव और अमित कुमार गुप्ता दोनों राजाराम हॉस्टल में रहते हैं. दोनों में दांत काटी दोस्ती थी. दोनों साथ ही चाय पीने, क्रिकेट खेलने और फैकल्टी आते जाते थे. दोनों की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी. लेकिन ये स्थिति 13 जनवरी के पहले तक थी. युजीसी के नए नियमों के आने के बाद से माहौल बदल गया. आदर्श और अमित भी लाखों छात्रों की ही तरह अलग अलग गुटों में बंट गए.
सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के बाद भी युजीसी के नए नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला रुका नही है. एक ऐसा ही प्रदर्शन बीते मंगलवार यानी 03 फरवरी को भी हुआ. एससी/एसटी और ओबीसी छात्र मोर्चे की तरफ से प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया.
बीएचयू के राजाराम हॉस्टल के मेस में बवाल
प्रोटेस्ट के बाद बीएचयू के राजाराम हॉस्टल के मेस में बवाल हो गया. हिस्ट्री (एमए)के छात्र आदर्श कुमार ने बताया कि उन्होंने यूजीसी एक्ट के समर्थन में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किया था. इस पोस्ट से नाराज कुछ छात्रों ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया. आदर्श ने कहा कि उसने सिर्फ अपनी बात सोशल मीडिया पर रखी थी. लेकिन कुछ छात्रों को यह नागवार गुज़रा और उन्होंने हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं.
छात्र आदर्श ने लंका थाने में दर्ज कराया मुकदमा
आदर्श ने लंका थाने में एमए द्वितीय वर्ष के छात्रों अभय चतुर्वेदी, आशु सिंह, अमित गुप्ता और अंकित सिंह समेत चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.आदर्श का आरोप है कि हमलावर पहले से ही घात लगाकर उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे. वह जैसे ही मेस में पहुंचे उन पर सिर पर हमला कर दिया गया.दूसरे गुट ने भी इस मामले में क्रॉस एफआईआर कराया है. अमित गुप्ता की तहरीर पर लंका थाने में आदर्श कुमार यादव, प्रभाकर पटेल, आकाश कश्यप, प्रेम और प्रत्यूष कुमार पर एफआईआर दर्ज किया गया है.
यूजीसी के समर्थन में आदर्श ने सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट
जानकारी के अनुसार यूजीसी एक्ट के समर्थन में एक छात्र आदर्श कुमार द्वारा सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट साझा किए जाने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने छात्र पर हमला कर दिया. हमले में घायल छात्र की पहचान आदर्श कुमार के रूप में हुई है. घायल अवस्था में छात्र को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. यहां उसका इलाज कराया गया.
दोनों छात्र गुटों को समझाने की कोशिश की गई
घटना को लेकर भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है. संगठन ने इसे लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया है. इसी बीच काशी जोन के डीसीपी गौरव बंशवाल ने छात्रों के दोनों गुट को प्रॉक्टोरियल बोर्ड में बुलाया.
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर और दूसरे पदाधिकारी भी वहां मौजूद थे. करीब चार घंटे तक प्रशासन ने दोनों गुट को समझाया. लेकिन बैठक के बाद घायल छात्र आदर्श बाहर आया और कहा कि मुझ पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन मैं केस वापस नही लूंगा.
दूसरे पक्ष ने भी क्रॉस एफआईआर कराया
अब इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी क्रॉस एफआईआर कराया है. उनकी तरफ से भी चार छात्रों के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल और चीफ प्रॉक्टर संदीप पोखरियाल दोनों लगातार ये कह रहे हैं कि विवाद आपसी रंजिश की वजह से हुआ है. कोई जातिगत मुद्दा है ही नहीं. घटना के बाद से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल है. छात्र संगठनों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी अपील की है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो.
