‘AI जनरेटेड वीडियो के जरिए लोगों को भड़का रही है कांग्रेस’, मणिकर्णिका पर विवाद को लेकर बोले CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शनिवार को वाराणसी में कहा कि काशी के खिलाफ लगातार साजिश रची जा रही है. पिछले कई दिनों से मणिकर्निका और हरिशचंद्र पर हो रहे विकास कार्यों को बदनाम करने के लिए AI जनरेटेड वीडियो कांग्रेसियों की तरफ से वायरल किए जा रहे हैं. ये विकास के हर प्रोजेक्ट में बाधा उत्पन्न करते हैं. काशी हो या अयोध्या दोनों जगहों का हमने ऐतिहासिक विकास किया है.
सीएम योगी आदित्यनाथ आज शनिवार यानी 17 जनवरी को वाराणसी के दौरे पर है. इस दौरान वह मीडिया से भी मुखातिब हुए. प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने मणिकर्निका घाट को लेकर चल रहे विवाद पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि AI जनरेटेड वीडियो के जरिए लोगों को कांग्रेस भड़का रही है.
दरअसल, मणिकर्निका और हरिशचंद्र घाट पर विकास की कुछ परियोजनाएं प्रस्तावित हैं. ऐसे में मूर्तियों को मंदिरों को संरक्षित कर उसे हटाने की प्रक्रिया चल रही थी. विकास कार्य पूरा होने के बाद फिर इसे वापस इसी जगह लगाने की योजना थी. इस बीच मणिकर्निका घाट पर टूटी प्रतिमाओं और मढ़ी के वीडियो वायरल होने लगे. विपक्ष ने घाट पर बुलडोजर चलाने और मंदिरों को तोड़ने का आरोप लगाया है. वहीं, प्रशासन से लेकर मंत्री तक इसे भ्रामक बताते हुए AI जनरेटेड वीडियो बताया है. सीएम योगी ने भी इसे कांग्रेस की साजिश बताते हुए एआई जनरेटेड वीडियो बताया है.
कांग्रेस की बचकानी हरकतों पर हंसी आती है-सीएम योगी
सीएम योगी ने आगे कहा कि विरासत का सम्मान कैसे होता है ये हमें कांग्रेस से पूछने की जरूरत नहीं है. कांग्रेस की बचकानी हरकतों पर हंसी भी आती है और दया भी. विकास के हर प्रोजेक्ट में ये बाधा उत्पन्न करेंगे. काशी हो या अयोध्या दोनों जगहों का हमने ऐतिहासिक विकास किया है.
‘जब भी विकास कार्य शुरू होता है कांग्रेसी बदनाम करते हैं’
सीएम योगी ने मणिकर्निका और हरिशचंद्र घाट पर हो रहे विकास कार्यों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा हम व्यक्ति को उनकी अंतिम विदाई सम्मानजनक तरीके से देना चाहते. इसके लिए ये विकास कार्य चल रहा है. लेकिन जब भी कोई विकास का काम शुरू होता है, कांग्रेसी उसे बदनाम करने आ जाते हैं. हम धार्मिक संस्कारों को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए निरंतरता और गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
‘लोगों की सुविधा के लिए मणिकर्निका और हरिशचंद्र घाट का हो रहा विकास’
सीएम योगी ने कहा कि अंतिम संस्कार कराने आए हुए लोगों को सुविधा मिले, सुरक्षा मिले. उनके परिजन को गरिमामई विदाई मिले, ये कार्य इसी लिए चल रहा है. इसके अलावा शवदाह की राख गंगा जी में ना जा पाए इसलिए भी नदी के जलस्तर को ध्यान में रखते हुए नए शवदाह प्लेटफार्म बना रहे हैं. ऐसा करने गंगा जी में राख जाने से बीओडी और सीओडी की मात्रा नहीं बढ़ेगी. साथ ही हम यहां प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज़, वेस्ट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्था भी कर रहे हैं.
‘काशी को आजादी के बाद वो महत्व नहीं मिला जो मिलना चाहिए था’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “काशी अविनाशी है. काशी को लेकर हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला जो आजादी के तत्काल बाद मिलना चाहिए था.” उन्होंने आगे कहा कि पिछले 11 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी प्राप्त कर रहा है.
55 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं काशी के लिए स्वीकृत
सीएम योगी ने जानकारी दी कि 55 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं काशी के लिए स्वीकृत हुईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं प्रगतिशील तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने बताया कि आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं. अकेले काशी ने देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान कर रही है.