मॉस्को से बाबा विश्वनाथ की नगरी पहुंचा रूसी कपल, गंगा तट पर ली सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम

रूस से आए कॉन्स्टेंटिन और मरीना ने वाराणसी के दशास्वमेध घाट पर हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की. शिव-पार्वती के प्रेम से प्रेरित होकर इस रूसी जोड़े ने गंगा किनारे अग्नि के सात फेरे लिए. भारतीय संस्कृति और परंपरा से आकर्षित होकर उन्होंने काशी में सात जन्मों तक साथ रहने की कसमें खाईं.

विदेशी कपल ने गंगा तट पर रचाई शादी Image Credit:

बाबा विश्वनाथ की नगरी बनारस के दशास्वमेध घाट पर बुधवार को जश्न का माहौल था. यहां रूस से आए कपल कॉन्स्टेंटिन मरिंग और मरीना यहां सात जन्मों के बंधन में बंध रहे थे. ये रुसी कपल मॉस्को से चलकर शादी करने के लिए बनारस आया था. इस कपल ने हिन्दू रीति रिवाज और भारतीय वेश भूषा में अग्नि के सात फेरे लिए और सात जन्मों के बंधन में बंध गए.

कॉन्स्टेंटिन मरिंग रूस के एक व्यापारी हैं. पांच साल पहले वो वाराणसी घूमने के लिए आए थे. यहां शिव-पार्वती के पवित्र और अभिन्न प्रेम को पढ़ा, देखा और समझा. इससे मरिंग को काशी की संस्कृति और परम्परा ने आकर्षित किया. रूस में उनकी मुलाक़ात मरीना से हुई. बातचीत में पता चला कि उसे पहले से ही भारतीय संस्कृति के प्रति झुकाव था. इस दंपत्ति ने गंगा किनारे स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी की.

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई शादी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिन्दू रीति रिवाज से दोनों की शादी हुई. दोनों ने एक-दूसरे के साथ फेरे लिए. रशियन युवक ने अपनी पत्नी की मांग में सिंदूर भरा जो कि इस समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था. इस दंपत्ति ने हिंदू धर्म और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा को दर्शाते हुए इस प्रकार की शादी करने का निर्णय लिया. कॉन्स्टेंटिन मरिंग ने बताया कि रूस में जो महत्व वोल्गा नदी का है, इंडिया में वही महत्व गंगा का है.

स्थानीय लोगों के लिए बना यादगार

दशाश्वमेध घाट पर आयोजित इस विवाह ने इस दंपत्ति के लिए ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार क्षण बन गया. काशी की पवित्रता और भारतीय परंपरा के साथ इस विवाह ने एक नई मिसाल पेश की है. इस विवाह को देखने के लिए घाट पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी. काशी में विदेशी जोड़ों का आकर शादी करने की यूं तो कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन कोई जोड़ा शिव-पार्वती के प्रेम से आकर्षित होकर यहां आया और शादी के बंधन में बंध गया ये भी अद्भुत मिसाल है.