कफ सिरप तस्करी: 100 करोड़ का घोटाला, पूर्वांचल बाहुबलियों का गठजोड़; फॉर्च्यूनर ने खोले राज
कफ सिरप तस्करी का 100 करोड़ का बड़ा घोटाला पूर्वांचल के बाहुबलियों से जुड़ गया है. अमित टाटा और शुभम जायसवाल जैसे आरोपी दुबई से हवाला के जरिए करोड़ों का लेन-देन करते थे. यह नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला था. अब इसमें बड़े माफिया नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं.
प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी में 100 करोड़ का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. यह नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला था और हवाला के जरिए करोड़ों का लेन-देन था. अब इस घोटाले में पूर्वांचल के दो बड़े बाहुबली नेताओं के नाम जोर-शोर से उछल रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है.
एक वीडियो में दोनों बाहुबली अमित टाटा को ‘अपना छोटा भाई’ कहते नजर आ रहे हैं. अमित सिंह टाटा ने भी पुलिस पूछताछ में कई राज खोले हैं. उसका कहना है कि किंगपिन शुभम जयसवाल ने कोडीन बैन होने से पहले ही 100 करोड़ का स्टॉक खरीद चुका था. इस इन्वेस्टमेंट से चार गुना ज्यादा प्रॉफिट होता था.
9777 नंबर वाली फॉर्च्यूनर ने खोला राज
एसटीएफ को अमित टाटा से बरामद हुई लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर है UP65-9777. यह वही खास नंबर है जो एक पूर्वांचल एक माफिया की काफिले हर गाड़ी का नंबर होता हैं. गाड़ी अमित टाटा की पत्नी साक्षी सिंह के नाम पर है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि यह गाड़ी अक्सर माफिया के काफिले में ही चलती दिखती थी.
पुलिस पूछताछ में अमित टाटा ने कबूल किया है कि वह और शुभम जायसवाल हर साल दुबई और थाईलैंड के पटाया घूमने जाते थे. करोड़ों रुपयों का लेन-देन हवाला के जरिए होता था. 5 लाख का निवेश करके 30 लाख तक का मुनाफा कमाया जाता था. इस लालच में वह शुभम जयसवाल का पार्टनर बना था.
अमित टाटा पंचायत चुनाव लड़ने वाला था
सोशल मीडिया पर शुभम और अमित टाटा की दुबई सफारी की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं. जांच में सामने आया कि झारखंड की देव कृपा मेडिकल एजेंसी और वाराणसी की श्री मेडिकल एजेंसी अमित टाटा के नाम थीं, लेकिन पूरा काम शुभम जायसवाल और उसकी टीम देखती थी. अमित सिंह टाटा को लखनऊ से गिरफ़्तार किया गया था.
कोडीन सिरप की खेप बांग्लादेश तक जाती थी. इसी काले धन से अमित टाटा आने वाले पंचायत चुनाव में जौनपुर से ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी कर रहा था. सबसे चौंकाने वाली बात यह कि जिस कंपनी ने कोडीन सिरप का प्रोडक्शन सालों पहले बंद कर दिया था, शुभम की दो फर्में आज भी उसकी ‘सुपर स्टॉकिस्ट’ बनी हुई थीं.
तीन आरोपी दुबई फरार, बाहुबली कनेक्शन
मुख्य किंगपिन शुभम जायसवाल, उसका भाई गौरव जायसवाल और साथी वरुण सिंह इस समय दुबई में हैं. एसटीएफ ने तीनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और अब इनके ‘बाहुबली राजनीतिक कनेक्शन’ की अलग से जांच शुरू कर दी है. पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी से जौनपुर के एक माफिया की भूमिका की जांच कराने की मांग की है.
अब सवाल यह है कि क्या नशे का यह अरबों का साम्राज्य सिर्फ कुछ छोटे तस्करों का था, या इसके पीछे पूर्वांचल के बड़े-बड़े बाहुबलियों का आशीर्वाद और संरक्षण था? जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत दर परत कई बड़े नाम बाहर आते दिख रहे हैं. वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार पर सवाल उठा रहा है.