कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा रैकेट बेनकाब, गरीबों को किया जा रहा था कनवर्ट; तीन आरोपी गिरफ्तार

कानपुर देहात में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जहां गरीबों को जाल में फंसाकर ईसाई धर्म में परिवर्तन कराया जा रहा था. पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार किया. साथ ही नवाकांती सोसाइटी पर FIR किया है, जो 10 सालों से धर्मांतरण नेटवर्क चला रही थी.

कानपुर देहात: गरीबों को लालच देकर धर्म परिवर्तन Image Credit:

कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया है. “नवाकांती सोसाइटी” के नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप लगा कि वह वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी.

इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की, जो स्वयं करीब 10 वर्षों तक संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन कर चुका था. राम भरोसे के अनुसार, इनके टार्गेट पर गरिब और असहाय लोग थे, जिन्हें लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था. पुलिस ने नवाकांती सोसाइटी पर FIR दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

सुविधाएं दिलाने का लालच, विदेशी नागरिक भी शामिल

राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था की ओर से सिलाई, ब्यूटी पार्लर, हेयर कटिंग और अन्य कौशल प्रशिक्षण देने के नाम पर लोगों को जोड़ा जाता था. बैठकों के दौरान हैंडपंप, घरेलू उपकरण, रोजगार के साधन और अन्य सुविधाएं दिलाने का लालच दिया जाता था. जो लोग औरों को जोड़कर लाते थे, उन्हें ₹6,000 प्रतिमाह देने का प्रलोभन भी दिया जाता था.

धीरे-धीरे इन बैठकों का स्वरूप बदलने लगता था. पीड़ितों का आरोप है कि मीटिंग में पहले सामान्य बातचीत होती, फिर बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जाती और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे. कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी दिखाई देती है, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहरा गया.

कोतवाली से 500 मीटर की दूरी पर चल रहा था रैकेट

राम भरोसे का कहना है कि जब उन्होंने सवाल उठाए तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने की धमकियां मिलने लगी. डर और दबाव से परेशान होकर उन्होंने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया. हैरानी की बात है कि यह गतिविधि कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रही थी, लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी.

शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की और डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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