वाराणसी में सबसे बड़ी सोने की लूट सिर्फ 48 घंटे में सुलझी; ‘लंगड़े’ चोर ने खोल दी पोल
वाराणसी में हाल में अब तक की सबसे बड़ी सोने की चोरी हुई थी. पुलिस ने 48 घंटे में इसका खुलासा कर दिया. पुलिस ने फुर्ती से कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, साथ ही लूटे गए 100% माल बरामद किया. पुलिस को लीड एक 'लंगड़े' चोर को ट्रेस करने पर मिली. खुलासा करने वाली टीम को 1 लाख का नगद इनाम मिला है.
वाराणसी में अब तक की सबसे बड़ी सोने की चोरी का पुलिस ने सिर्फ 48 घंटे में खुलासा कर दिया है. चौक थाना क्षेत्र के कर्णघंटा से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से दो किलो एक सौ बाइस ग्राम सोना बरामद किया है. इसकी कीमत तीन करोड़ से ऊपर बताई जा रही है. ये बनारस मे सोने के चोरी की अब तक की सबसे बड़ी घटना है.
इस चोरी की प्लानिंग तीन महीने पहले बनी थी. प्लानिंग का मास्टर माइंड गाज़ीपुर का विकास बेनवंशी बताया जा रहा है. जिसने केयरटेकर तारक घोराई को शराब-शबाब में फंसाकर गद्दारी करवाई. विकास बेनवंशी ने ही जौनपुर के दीपेश चौहान और गाज़ीपुर के शुभम विश्वकर्मा को भी इस घटना मे इन्वॉल्व किया था. पुलिस ने 100% माल बरामद कर लिया है.
तारक घोराई ने की मालिक से गद्दारी!
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर का रहने वाला तारक घोराई सोने के आभूषण के धंधे में पिछले कुछ सालों से शामिल था. बनारस के ही एक थोक व्यवसायी जो कि मुंबई मे रहते थे, उन्होंने छह महीने पहले ही तारक को काम पर रखा था. कर्णघंटा के उस मकान का तारक केयर टेकर था जहां मुंबई सहित कई जगहों से माल आता था.
माल आने के बाद उसे रिटेल स्वर्ण व्यवसाइयों को बेच का काम तारक ही करता था. विकास ने पहले तारक से दोस्ती की. फिर शुभम के जरिए आजमगढ़ में एक ठिकाना बनाया और तारक को वहां शराब और शबाब दोनों की लत लगाया. जब तारक इन दोनों नशे का आदी हो गया तो फिर उससे विकास और दीपेश ने अपना प्लान शेयर किया.
5 जनवरी को बनारस में सबसे बड़ी सोने की चोरी
तारक ख़ुद भी अफरात पैसा कमाना चाहता था. उसने झट से हां कह दी. और इस तरह से चोरी की प्लानिंग तैयार हुई. इस चोरी में गाज़ीपुर के सैनुद्दीन अंसारी को भी शामिल किया गया. सबके काम बंटे हुए थे. दीपेश डुप्लीकेट चाभी बनवाएगा, सैनुद्दीन अंसारी अंदर घुसेगा और शुभम तारक को लेकर आजमगढ़ चला जाएगा.
सबके मोबाइल भी आजमगढ़ मे ही रहेंगे ताकी पकड़े जाने पर भी सीडीआर या मोबाइल लोकेशन से कोई जानकारी मिले ही नहीं. पांच जनवरी को इस चोरी को अंजाम दिया गया. और छह जनवरी को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया. एसओजी, सर्विलांस और चौक पुलिस की तीन टीम बनाई गई और SP दशास्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने इसको लीड किया.
सैनुद्दीन अंसारी का ‘लंगड़ा’ ड्रामा भारी पड़ गया
चोरी की जिम्मेदारी सैनुद्दीन अंसारी को दी गई. पांच जनवरी को सैनुद्दीन जब उस कमरे में घुसा तो लंगड़े के अंदाज़ में घुसा. लंगड़ते हुए वो शीशा भी तोड़ा और फिर एक बैग ले जाते हुए दिखाई दिया. बैग ले जाते वक़्त वो बिल्कुल ठीक से चल रहा था. सैनुद्दीन अंसारी सिटी कमांड सेंटर के सीसीटीवी में कैद हो गया और यहीं से पुलिस को एक लीड मिली.
पुलिस ने उसको ट्रेस करना शुरू किया. सैनुद्दीन अंसारी के मिलते ही बाकी चार आरोपियों तक भी पुलिस पहुंच गई. महज 48 घंटे में ही पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. और 100 परसेंट माल की रिकवरी कर ली. पुलिस कमिश्नर ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को 1 लाख रूपये का नकद ईनाम दिया है.