क्या अप्रैल-मई में हो पाएंगे UP पंचायत चुनाव? मंत्री ओपी राजभर ने कह दी बड़ी बात

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के टलने की अटकलें लगाई जा रही हैं. अंदेशा लगाया जा रहा है कि अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव नहीं हो पाएंगे. लेकिन इस बीच पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इसको लेकर बड़ी बात कह दी है.

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पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान का इंतजार जोरशोर से किया जा रहा है. लेकिन इस बीच पंचायत चुनावों के टलने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. लेकिन अब योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे. इसमें लेटलटीफी नहीं होगी. राज्य निर्वाचन आयोजन इसको लेकर बेहद एक्टिव है.

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर हाथरस में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. इस दौरान उनसे मीडिया ने पंचायत चुनावों के लेट होने की चल रही अटकलों को लेकर सवाल किया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने कहा कि चुनाव के लिए जरूरी बैलेट पेपर्स जिलों में पहुंचा दिए गए हैं. मार्च 2026 में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा. साथ ही अप्रैल या मई महीनें में पंचायत चुनाव हो जाएंगे.

जनगणना के चलते पंचायत चुनाव में देरी के अटकलों को खारिज किया

एक अफवाह यह भी थी कि पंचायत चुनाव में जनगणना के चलते देरी आएगी. लेकिन ओपी राजभर ने कहा कि जनगणना का कार्य 2027 में होना है. इसका पंचायत चुनाव से लेना-देना नहीं है. ऐसे में जनगणना के चलते पंचायत चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग के सामने ये है सबसे बड़ी चुनौती

पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग को सबसे बड़ी जद्दोहद आरक्षण सूची को लेकर करनी पड़ती है. अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन सी सीट एससी-एसटी (SC-ST) के लिए आरक्षित होगी,कहां ओबीसी उम्मीदवार होंगे और कौन सी सीट सामान्य रहेगी.

पंचायत चुनाव के लेट होने की क्यों लग रही अटकलें?

बता दें कि पंचायत चुनाव में 2011 की जनगणना के आधार पर अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 20.70% और अनुसूचित जनजाति (एसटी) 0.57% सीटें आरक्षित रहेंगी. लेकिन मामला ओबीसी आरक्षण पर फंसा है. सुप्रीम कोर्ट ट्रिपल टेस्ट मानकों के चलते बिना आयोग की रिपोर्ट के ओबीसी आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता. लेकिन पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन अभी तक नहीं हो पाया है. ऐसे में माना जा रहा था पंचायत चुनाव के शेड्यूल प्रभावित हो सकता है.