वाह रे UP पुलिस! जिस सिपाही को DCP ने किया लाइन हाजिर, SHO ने उसी की लगा दी VIP ड्यूटी; फिर हुआ एक्शन
आगरा में उत्तर प्रदेश पुलिस की मनमानी का एक उदाहरण सामने आया है. यहां डीसीपी द्वारा लाइन हाजिर किए गए सिपाही को शाहगंज एसएचओ ने न केवल रिलीव नहीं किया, बल्कि उसे VIP ड्यूटी पर लगा दिया. खबर वायरल होने के बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसएचओ वीरेश कुमार गिरी को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
उत्तर प्रदेश पुलिस के अफसरों की मनमानी का एक नायाब उदाहरण ताज सिटी आगरा में देखने को मिला है. यहां एक सिपाही को डीसीपी ने लाइन हाजिर किया था, लेकिन एसएचओ ने उसे रिलीव ही नहीं किया. यही नहीं, इस सिपाही की वीआईपी ड्यूटी तक लगा दी. यह खबर सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार खुद एक्शन में आ गए. उन्होंने ड्यूटी चार्ट मंगाकर देखा और आरोप सही पाए जाने पर एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है. इसी के साथ उन्होंने विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं.
मामला आगरा के शाहगंज थाने का है. एसएचओ के खिलाफ यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों की नाफरमानी और एक सिपाही को कृपा पात्र बनाने की वजह से हुई है. दरअसल लाइन हाजिर किए गए सिपाही सनी मलिक ने 7 फरवरी को शाहगंज थाना क्षेत्र के सराय ख्वाजा में रहने वाले बुलडोजर मालिक रईस खान के घर में दबिश दी थी और उन्हें हिरासत में लेकर अवैध रूप से उगाही की थी. मामले का खुलासा होने के बाद डीसीपी सिटी अली अब्बास ने सिपाही सनी मलिक को लाइन हाजिर कर दिया था.
वायरल हुआ ड्यूटी चार्ट
कायदे से इस कार्रवाई के बाद सिपाही को थाने से रिलीव होकर पुलिस लाइन में आमद कराना था, लेकिन एसएचओ ने उन्हें रिलीव ही नहीं किया. यही नहीं, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक के आगरा दौरे में एसएचओ वीरेश कुमार गिरी ने इस सिपाही की ड्यूटी उनके साथ लगा दी. एसएचओ द्वारा बनाया गया यह ड्यूटी चार्ट महकमे के ही किसी कर्मचारी ने लीक कर दिया, जो सोशल मीडिया में वायरल हो गया. इसे देखकर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार का माथा ठनक गया. उन्होंने तुरंत एसएचओ को सस्पेंड करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए.
सिपाही से एसएचओ का गहरा कनेक्शन
शाहगंज थाने के सूत्रों के मुताबिक सिपाही सनी मलिक की एसएचओ वीरेश कुमार गिरी से अच्छी छनती थी. सनी मलिक एसएचओ के घर का भी काम करता था. यहां तक कि थाने में ठेकेदारी की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी. बताया जा रहा है कि डीसीपी ने सनी मलिक को लाइन हाजिर किया तो एसएचओ ने उसे बचा लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन मामले का खुलासा होने पर खुद एसएचओ के खिलाफ ही कार्रवाई हो गई.