बार-बार ऐसा क्यों होता है? प्लेन क्रैश में अजित पवार के निधन पर अखिलेश यादव का सवाल
महाराष्ट्र के बारामती में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में निधन पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाया है. अखिलेश यादव ने कहा कि बार-बार ऐसा क्यों होता है. बड़ी घटना हुई है. इसकी जांच होनी चाहिए.
महाराष्ट्र के बारामती में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की की निजी विमान हादसे में मौत हो गई. विमान ने मुंबई से उड़ान भरा था. बारामती में लैंड होने वाला था. इसी दौरान लैंडिंग की कोशिश में विमान क्रैश हो गया. सूत्रों के अनुसार विमान में तकनीकी खराबी आई थी. विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर को तकनीकी खराबी का एहसास हुआ था. उन्होंने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी सूचना दी. पायलट ने पहली बार विमान लैंड कराने की कोशिश की तो सफलता नहीं मिली. लेकिन दूसरी कोशिश में विमान हादसे का शिकार हो गया.
विमान हादसे की जांच होनी चाहिए- अखिलेश
अजित पवार महाराष्ट्र के सियासत के बेताज बादशाह माने जाते थे. अपने 35 साल के राजनीति में वह तकरीबन 6 बार उपमुख्यमंत्री रहे. अजित पवार का अचानक इस तरह जाना न सिर्फ उनके समर्थकों के लिए, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे के लिए एक बड़ा झटका है. प्लेन क्रैश में उनकी मौत पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाया है. अखिलेश यादव ने कहा कि बार-बार ऐसा क्यों होता है. इस तरह की घटनाएं लगातार क्यों हो रही है. जांच की मांग वाजिब है. बड़ी घटना हुई है इसकी जांच होनी चाहिए.
ममता बनर्जी ने संभावित साजिश की जताई आशंका
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विमान हादसे में अजीत पवार के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह इस खबर स्तब्ध हैं. यह राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है. नेताओं की कोई सुरक्षा व्यवस्था देश में नहीं बची है. इसके अलावा उन्होंने इस हादसे को लेकर संभावित साजिश की आशंका जताई है.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन बयानों का भी जिक्र किया जिनमें कहा जा रहा था कि अजित पवार भाजपा छोड़ने पर विचार कर रहे थे. ऐसे में उन्होंने आशंका जताई है कि इस हादसे के पीछे कोई साजिश हो सकती है. उन्होंने कहा- ‘आज जो हुआ, वह गंभीर सवाल खड़े करता है. इसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए. हमें सुप्रीम कोर्ट के अलावा किसी अन्य एजेंसी पर भरोसा नहीं है.