राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: नई SIT ने पकड़ी रफ्तार, चंपत राय समेत 200 लोगों को नोटिस

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT ने जांच तेज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित टीम ने 200 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ शुरू की है, जिनमें आरोपितों के परिजन, सहयोगी और ट्रस्ट पदाधिकारी शामिल हैं. बैंक खाते, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल हो रही है. एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी पूछताछ होगी, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर Image Credit: AI Generated

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है. जांच की निगरानी अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर कर रहे हैं, जबकि विवेचना की जिम्मेदारी सीओ आशुतोष त्रिपाठी के पास है. सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है.

जेल में बंद आठ आरोपितों से पूछताछ और रिमांड की कार्रवाई पूरी होने के बाद अब पुलिस ने आरोपितों के परिजनों, सहयोगियों और मामले से जुड़े करीब 200 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाना शुरू कर दिया है. जांच एजेंसियां केवल आरोपितों की भूमिका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनसे जुड़े लोगों के भूमि दस्तावेज, बैंक खाते, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है.

सीए से भी होगी पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक इसी क्रम में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से भी पूछताछ की बात सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित नई एसआईटी की अध्यक्षता लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस. कर रही हैं. टीम में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने ऑनलाइन बैठक कर पहली जांच टीम से अब तक की जांच का पूरा फीडबैक लिया और आगे की रणनीति तय की.

चंपत राय को भी नोटिस

सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के तत्कालीन पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव सहित मंदिर से जुड़े कई लोगों को 200 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है. जांच एजेंसियां आरोपियों और इन व्यक्तियों के बीच संभावित संबंधों तथा वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं. आवश्यकता पड़ने पर कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों से दोबारा पूछताछ भी की जा सकती है. सूत्रों के मुताबिक जांच को और अधिक तकनीकी एवं वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भी मदद ली जाएगी.

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