अयोध्या चढ़ावा कांड: टिन्नू समेत सभी आरोपियों के ठिकानों पर रेड; नकदी-ज्वैलरी बरामद
अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों के घरों पर पुलिस ने छापेमारी की. इस दौरान टिन्नू के घर से ज्वैलरी, कैश और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए. पुलिस का मुख्य लक्ष्य मनी ट्रेल का पता लगाना है, जिसके लिए आरोपियों के परिवारों से पूछताछ और संपत्तियों की जांच की जा रही है.
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच में जुटी पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. पुलिस की यह कार्रवाई सुबह से देर शाम तक जारी रही. सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई आरोपियों के घरों से नकदी, ज्वैलरी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई मनी ट्रेल की जांच के लिए की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने कितनी संपत्ति अर्जित की, उनके निवेश कहां-कहां हैं और बीते वर्षों में उनकी आर्थिक स्थिति में कितना बदलाव आया. जांच का उद्देश्य इस मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों और नेटवर्क तक पहुंचना भी है.
टिन्नू यादव के घर से कुछ आभूषण, नकदी मिले
पुलिस की ओर से आरोपियों के परिवार से निवेश और संपत्ति की जानकारी ली जा रही है. इसका उद्देश्य गबन किए गए 79.85 लाख रुपये से संबंधित सभी कड़ियों को जोड़ना है. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के घर से कुछ आभूषण, नकदी और संपत्ति संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं. टिन्नू यादव का मंदिर परिसर में दबदबा था.
इसके अलावा अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित ठिकाने पर सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई पुलिस कार्रवाई देर शाम तक जारी रही. कौशलपुरी स्थित इसी परिसर में अविनाश शुक्ला का योग केंद्र संचालित होता था और यहीं पर अविनाश, अनुकल्प तथा लवकुश मिश्रा की बैठकों की भी चर्चा रही है. यहां से भी जांच से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं.
स्वतंत्र गवाह और राजस्व अधिकारियों भी रेड में
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ स्वतंत्र गवाहों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया. इसका उद्देश्य तलाशी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना और विवाद या आरोपों से बचना है. पुलिस ने सभी आरोपियों के परिजनों के बयान भी दर्ज किए हैं और बरामद सामान का आकलन किया जा रहा है.
गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की रकम और कीमती सामान के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपी मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे की गणना और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगे हुए थे. अब तक की जांच में करीब 79.85 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है. इस मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी.
कोर्ट से आरोपियों की रिमांड ले सकती है पुलिस
वहीं, मामला उजागर होने और दवाब पड़ने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यास सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. सूत्रों के अनुसार, पुलिस सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान आरोपियों की रिमांड मांगने पर भी फैसला ले सकती है. फिलहाल मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और अहम खुलासे हो सकते हैं.
जांच के आधार पर 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. गिरफ्तार किए गए लोगों में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के साथ अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडे शामिल हैं. अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा एक दूसरे के रिश्तेदार हैं और अनिल मिश्रा के रिश्तेदार भी हैं.