गोद ली बेटी से अफेयर, विरोध करने पर पिता-बच्चों का अपहरण… बरेली हादसे की पूरी कहानी

बरेली सड़क हादसे में किडनैपिंग का एंगल सामने आया था. अब इसको लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक मृतक अपरहणकर्ता मनमोहन का मनोज की गोद ली हुई नाबालिग बेटी से अफेयर था. मनोज इसका विरोध कर रहा था तो मनमोहन उसके साथियों ने उसे उसके दोनों बच्चों के साथ कि़डनैप कर लिया था.

बरेली हादसे की सच्चाई आई सामने Image Credit:

लखनऊ-बरेली हाईवे में सीबीगंज क्षेत्र के पास तेज रफ्तार बोलेरो एक खड़े टैंकर से टकरा गई थी. बोलेरो में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. शुरुआत में यह मामला सामान्य दुर्घटना का लगा. लेकिन पुलिस गाड़ी में दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले. हालांकि, इसके बाद भी पुलिस इस मामले को एक आम हादसे की तौर पर देख रही थी. लेकिन जैसे ही पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो इसमें किडनैपिंग का एंगल सामने आया.

पुलिस को पता चला कि कार में बेहोशी की हालत में मिले दोनों बच्चे गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 इलाके में रहने वाले. यह आटो ऑटो चालक मनोज के बेटे हैं. दोनों को अपने पिता के साथ यहीं से अगवा किया गया था. इसको लेकर मनोज की पत्नी पूजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति बच्चों को साथ लेकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे.

पूजा ने पुलिस को बताया था कि उसने पति को फोन किया तो पहले कोई जवाब नहीं मिला. लेकिन कुछ वक्त बाद एक अंजान व्यक्ति की कॉल आई थी. उस शख्स धमकी दी थी कि मनोज को पकड़ लिया गया है. अगर पुलिस को बताया भी तो उसे मार दिया जाएगा. हालांकि पूजा ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी.

बच्चों को दोबारा गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे किडनैपर्स

अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बोलेरो हादसे में तीन युवकों मनमोहन, सिकन्दर और विशेष की मौत हो गई. एक प्रिंस घायल है, उसका इलाज चल रहा है. इन सभी ने गुरुग्राम के ऑटो चालक मनोज और उसके बच्चे का किडनैप किया था. मनोज को बंधक बनाकर फरीदपुर में मनमोहन ने नत्थू के घर में रखा गया था. पिता के कहने पर मनमोहन बच्चे को लेकर दोबारा गुड़गांव जा रहा था. इसी दौरान हादसा हो गया.

मनोज की नाबालिग बेटी से मनमोहन का था अफेयर

पुलिस ने इस मामले में एक और बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ता प्रिंस, जो घायल है, उसने बताया कि मनोज की गोद ली हुई नाबालिग बेटी का मृतक मनमोहन के साथ अफेयर था. इसका मनोज विरोध करता था. इसी वजह से बदमाश मनोज की हत्या करना चाहते थे. यही वजह है मनोज और उसके बच्चों की किडनैपिंग की गई. मनमोहन और मनोज दोनों एक ही गांव के हैं.

8 महीने पहले मनमोहन भी गुड़गांव आकर रहने लगा

मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि हम लोग फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर से आकर 8 सालों से गुड़गांव में किराए के घर में रह रहे हैं. 8 महीने पहले ही मेरे गांव का मनमोहन भी गुड़गांव आकर रहने लगा. एक ही गांव के होने की वजह से मेरे पति की जान पहचान मनमोहन से थी. हमें बिल्कुल अंदेशा नहीं था वह ऐसा करेगा.

मनोज को मनमोहन के पिता के घर किया गया बरामद

फिलहाल, पुलिस ने नत्थू और घायल बदमाश प्रिंस को हिरासत में ले लिया है. साथ ही गुड़गांव पुलिस को सूचना दे दी गई है. आगे की कार्रवाई गुड़गांव पुलिस करेगी, क्योंकि वहां पहले से ही अपहरण का मुकदमा दर्ज है. बरेली के एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि मृतक मनमोहन के पिता नत्थू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. मनोज को फरीदपुर से नत्थू के घर से ही बरामद किया गया था. घर के बाहर ताला लगा हुआ था और अंदर कमरे में भी दो ताले लगाकर उसे बंद किया गया था.

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