कुरुक्षेत्र बना कलेक्ट्रेट… गैस की कालाबाजारी के खिलाफ महिलाओं ने लहराया बेलन, घेरा DM ऑफिस
उत्तर प्रदेश के बस्ती में रसोई गैस की कालाबाजारी और किल्लत के खिलाफ दर्जनों महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया. हाथों में बेलन और खाली सिलेंडर लेकर पहुंची प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि गैस वितरण केंद्रों पर धांधली चरम पर है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है. उन्होंने उज्ज्वला योजना पर सवाल उठाते हुए मुनाफाखोरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के बस्ती में बुधवार को अजीब स्थिति बन गई. अचानक दर्जनों महिलाएं हाथ में बेलन और चिमटा लहराते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गई और रसोई गैस की कालाबाजारी के खिलाफ नारेबाजी की. ये महिलाएं जब हाथों में चिमटा और बेलन लेकर खाली सिलेंडर के साथ सड़कों पर निकली तो शहर के बाजार में अफरातफरी की स्थिति बन गई. महिलाओं का आरोप है कि गैस वितरण केंद्रों पर खुलेआम धांधली और कालाबाजारी हो रही है. इसकी वजह से रसूखदार लोगों को तो गैस मिल जा रही है, लेकिन आम आदमी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
इस अव्यवस्था की वजह से लोगों की रसोई का बजट तो खराब हुआ ही है, दिन का चैन और रात का सुकून दोनों छिन गया है. इन महिलाओं का नेतृत्व कर रही रुधौली क्षेत्र में सक्रिय सपा नेता चांदनी चौधरी ने बताया कि पूरे जिले में गैस की किल्लत चल रही है. यह किल्लत गैस एजेंसी संचालक जानबूझकर पैदा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसी अव्यवस्था के खिलाफ जिले की महिलाओं ने आज डीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया है. उन्होंने बताया कि एक ही गांव में कुछ लोगों के घर भरा हुआ सिलेंडर पहुंच रहा है, वहीं दूसरे लोग गैस एजेंसियों के बाहर घंटों लाइन में लगने के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं.
चूल्हे पर खाना पकाने की मजबूरी
प्रदर्शनकारी महिलाओं का सीधा आरोप है कि स्थानीय गैस वितरण केंद्रों पर ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ वाला हाल है. ऐसे हालात में घरों में कई दिनों से चूल्हा तक जलाना मुश्किल हो रहा है. जैसे तैसे परिवार का पेट भरने के लिए लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है. कई बार तो बच्चों को स्कूल के लिए नास्ता भी दे पाना मुश्किल हो जा रहा है. वहीं लोग अक्सर भूखे सोने को मजबूर हो रहे हैं.
डीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
चांदनी चौधरी ने कहा कि एक तरफ सरकार उज्ज्वला योजना की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को धुएं में खाना पकाने को मजबूर किया जा रहा है. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने इस संबंध में जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा है. इसमें चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर गैस की उपलब्धता सामान्य नहीं हुई और मुनाफाखोरों के खिलाफ एक्शन नहीं हुआ तो सड़क जामकर प्रदर्शन किया जाएगा.