स्क्रीन टाइम की जगह ‘एक्टिविटी टाइम’ पर ध्यान दें… नए सत्र से पहले बच्चों को CM योगी का संदेश
मुख्यमंत्री ने नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ पर प्रदेश के बच्चों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने बच्चों को रुचि के विषयों, खेलों और विद्यालय की गतिविधियों में भाग लेने पर जोर दिया. साथ ही 'स्कूल चलो अभियान' पर बात की. उन्होंने स्वस्थ शरीर और मन के लिए खेलकूद को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेश के प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों के नाम चिट्ठी ‘योगी की पाती’ लिखी. उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ पर बच्चों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दीं. साथ ही विद्यालय, जीवन की मूल शिक्षा और संस्कार पर जोर दिया. सीएम योगी ने बच्चों को खेलकूद को दिनचर्या में शामिल करने की भी सलाह दी.
सीएम योगी ने बच्चों से कहा कि वे नए सत्र में अपनी रुचि के विषय, खेल एवं विद्यालय की गतिविधियों में पूरे मजोयोग से हिस्सा लें और अपने सपनों में रंग भरें. प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. साथ ही अभिभावकों से भी अपने बच्चों के साथ-साथ वंचित बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने की बात कही.
श्रीराम-श्रीकृष्ण से जोड़कर बताया विद्यालय का महत्व
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड दौरे पर अपने स्कूल जाने का हालिया अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मुझे अपने विद्यालय जाने का साभाग्य मिला, जहां से मुझे जीवन की मूल शिक्षा एवं संस्कार मिले और आगे का मार्ग प्रशस्त हुआ. उन्होंने बच्चों से कहा, ‘विद्यालय मात्र पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम पाठशाला है.’
उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी स्वरूप की प्रथम सीढ़ी उनका गुरुकुल ही था. आप सबके लिए भी शिक्षा इसी कर्तव्यपथ का अभिन्न अंग है. स्वामी विवेकानंद जी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाकर आप सभी परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ असंभव लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं.
स्क्रीन टाइम के स्थान पर एक्टिविटी टाइम पर ध्यान करें
सीएम योगी ने साथ ही बच्चों को स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन के लिए खेलकूद और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि आज का युग तकनीक का है, इसलिए उसका सही उपयोग करना सीखें. स्क्रीन टाइम के स्थान
पर एक्टिविटी टाइम पर ध्यान केंद्रित करें. विकसित यूपी का लक्ष्म तभी पूर्ण होगा जब हर बच्चा पढ़ेगा, हर बच्चा बढ़ेगा.
उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ-साथ अपने आस-पड़ोस के उन बच्चों को शिक्षा के मंदिर तक पहुंचाने का भी संकल्प लेने की अपील की, जो शिक्षा से वंचित हैं. वैसे बच्चे जो सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं, उनके परिवार वालों को जागरूक करें. CM ने कहा कि इसी संकल्प को लेकर 1 से 15 अप्रैल, 2026 में ‘स्कूल चलो अभिमान’ चालू किया गया है.