SIR के प्रेशर से बड़ी राहत! UP में एक हफ्ते बढ़ी डेडलाइन, अब 11 दिसंबर तक जमा होंगे फॉर्म
चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम तिथि एक हफ्ते बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी है. यह राहत उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में BLO पर बढ़ते दबाव और मौतों की खबरों के बाद दी गई है. SIR के कारण BLOs को अत्यधिक काम करना पड़ रहा था, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ रही थी. इस मुद्दे पर विपक्ष भी हमलावर था.
उत्तर प्रदेश समेत देश के नौ राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है. चुनाव आयोग ने अब फार्म जमा करने की अंतिम तिथि एक हफ्ते बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया है. चुनाव आयोग ने यह राहत एसआईआर के प्रेशर को कम करने के लिए दी है. दरअसल उत्तर प्रदेश में ही आधा दर्जन से अधिक बीएलओ की मौत हो चुकी है. इन सभी मौतों के पीछे की वजह एसआईआर का प्रेशर बताया जा रहा है.
इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी समेत पूरा विपक्ष बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर है. वहीं बीएलओ भी इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं. दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों ने समय पर काम पूरा करने को लेकर बीएलओ पर दबाव बढ़ा दिया है. आलम यह है कि फार्म बांटने या कलेक्ट करने के लिए सुबह सुबह ही बीएलओ अपने घरों से निकल जा रहे हैं और पूरे दिन अपने क्षेत्र में घूमने के बाद देर रात ऑनलाइन डॉटा फीड कर रहे हैं.
विशेष परिस्थिति में भी नहीं मिल रही छुट्टी
समय से टारगेट पूरा करने का इतना दबाव है कि बीएलओ समेत अन्य अधिकारियों को विशेष परिस्थिति में भी छुट्टियां नहीं मिल रहीं. अभी गाजीपुर में ही एक बीएलओ अपनी मां के निधन पर दाह संस्कार के लिए मुश्किल से समय निकल सका, वहीं तेरही एसआईआर की डेडलाइन के बाद करने का फैसला किया है. काम के दबाव की वजह से कई जिलों में बीएलओ के बीमार पड़ने, सुसाइड करने या हार्ट अटैक आने की भी खबरें आ रही हैं.
चुनाव आयोग ने भेजी नई गाइडलाइन
हालात को देखते हुए चुनाव आयोग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है. इसमें SIR फॉर्म जमा करने की समय सीमा एक हफ्ते बढ़ाकर 11 दिसंबर करने की बात कही गई है. अब तक चार दिसंबर तक हर हाल में फार्म जमा करना था. चुनाव आयोग ने यह निर्देश उत्तर प्रदेश समेत सभी 12 राज्यों को भेजे हैं. यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाई गई है.