रोहतक की ‘सुधा’ बढ़ाएगी शेरों का कुनबा, इटावा सफारी में सिब्लिंग फैक्टर से लगा था ब्रेक; बना ये फार्मूला

इटावा लॉयन सफारी में शेरों के प्रजनन में आ रही 'सिब्लिंग फैक्टर' की समस्या का समाधान मिल गया है. रोहतक प्राणी उद्यान से 8 वर्षीय शेरनी 'सुधा' को इटावा लाया जा रहा है, जो पहले दो बार मां बन चुकी है. बदले में इटावा से शेर 'विश्वा' को रोहतक भेजा जाएगा. यह अदला-बदली सिंबा और सुल्तान जैसे शेरों का कुनबा बढ़ाने और सफारी की पहचान मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है.

इटावा में सफारी पार्क Image Credit:

इटावा लॉयन सफारी में सिब्लिंग की समस्या का समाधान ढ़ूंढ लिया गया है. इस पार्क में शेरों का कुनबा बढ़ाने के लिए पार्क प्रबंधन ने हरियाणा के रोहतक प्राणी उद्यान से 8 साल की शेरनी सुधा को इटावा लाने का फैसला किया है. इसके बदले में इटावा सफारी पार्क से शेर ‘विश्वा’ को रोहतक भेजा जाएगा. इस संबंध में इटावा सफारी पार्क और रोहतक प्राणी उद्यान के अधिकारियों में सहमति बन गई है. हालंकि इस एक्सचेंज को केंद्र सरकार की मंजूरी बाकी है. इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है.

बता दें कि इटावा सफारी पार्क की शान कहे जाने वाले एशियाई बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान के लिए काफी समय से दुल्हन की तलाश थी. इनके लिए पहले गुजरात से शेरनी लाने की योजना बनी थी, लेकिन किसी कारणवस यह योजना सफल नहीं हो सकी. इसके बाद हरियाणा के रोहतक प्राणी उद्यान से शेरनी लाने की प्रक्रिया शुरू हुई. करीब डेढ़ साल से चल रही यह कवायद अब रंग लाती नजर आ रही है. इस कवायद का मकसद न सिर्फ इन शेरों का कुनबा बढ़ाना है, बल्कि सफारी की पहचान को और मजबूत करना भी है.

साढ़े नौ साल के हुए सिंबा और सुल्तान

इटावा सफारी पार्क में जन्मे बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान अब करीब साढ़े नौ साल के हो चुके हैं. ये दोनों इस पार्क के मुख्य आकर्षण भी हैं. साल 2016 में बब्बर शेर मनन और जेसिका की पहली मेटिंग से पैदा हुए ये दोनों शेर बचपन से ही पर्यटकों में काफी लोकप्रिय रहे हैं. लेकिन अब बढ़ती उम्र के साथ इनके लिए सफारी प्रशासन ने जोड़ी की तलाश शुरू की है. दरअसल सफारी पार्क में मौजूद सभी मादा शेरनियां सिंबा और सुल्तान की सिबलिंग हैं. इसकी वजह से इनके बीच प्रजनन संभव नहीं है. इस समस्या के समाधान के लिए यहां बाहर से शेरनी लाया जा रहा है.

दो बार मां बन चुकी है सुधा

रोहतक प्राणी उद्यान की शेरनी सुधा पहले दो बार मां बन चुकी है. विशेषज्ञों के मुताबिक इटावा आने के बाद यह शेरनी सफल प्रजनन कर सकती है. सफारी पार्क प्रबंधन ने इस शेरनी के बदले में रोहतक प्राणी उद्यान को साल 2022 में पैदा हुए शेर ‘विश्वा’ को रोहतक भेजने का फैसला किया है. इससे दोनों प्राणी उद्यानों में संतुलन बना रहेगा. दोनों शेरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से पहले इनका मेडिकल होगा. इनके सैंपल आईवीआरआई बरेली और एनसीबीएस बैंगलोर भेजे जाएंगे. सभी रिपोर्ट अनुकूल होने पर ही इनकी शिफ्टिंग की जाएगी.

पार्क में अभी हैं कुल 23 शेर

पार्क प्रबंधन के मुताबिक इस समय यहां कुल 23 शेर हैं. इनमें 8 नर हैं और 11 मादा हैं. वहीं चार शावक हैं. इन शावकों का अभी नामकरण नहीं हो सका है. इटावा सफारी पार्क में 5 अक्तूबर 2016 को पैदा हुए सिंबा और सुल्तान का नामकरण पूर्व सीएम अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने किया था.

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