यूपी के 17 जिलों में बाढ़ की आफत, वाराणसी के 84 घाट डूबे…84 हजार लोग हैं प्रभावित

उत्तर प्रदेश में बाढ़ से 84 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. इस त्रासदी से बचने के लिए लोगों ने दूसरे ठिकानों की शरण ली है. वाराणसी के 84 घाट भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. गंगा, यमुना, सरयू सहित 6 नदियों का जलस्तर बढ़ा है.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र Image Credit: ट्विटर

उत्तर प्रदेश में बाढ़ से बुरे हालात हैं. यहां की 37 तहसीलें और 402 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. एफपी के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ की त्राहिमाम के बीच 17 जिलों के 84,392 लोग प्रभावित हुए हैं. एक तो बाढ़ और ऊपर से बारिश लोग छतों पर भी गुजारा नहीं कर सकते हैं. जिन लोगों के घर दो या तीन मंजिला की इमारत पर उन्होंने ऊपर शिफ्टिंग कर ली है, वहीं प्रयागराज मिर्जापुर, वाराणसी, गाज़ीपुर और बलिया ज़िलों में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर जाने की वजह से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ से पीड़ित लोगों के रेस्क्यू के लिए यूपी के अलग-अलग जिलों में एनडीआरएफ की 16 एसडीआरएफ की 18 और पीएसी फ्लट यूनिट की 31 टीमें काम कर रही हैं.

वाराणसी के 84 घाटों पर घुसा पानी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 905 बाढ़ राहत शिविर चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों को जरूरत के सामान मुहैया कराए जा रहे हैं. वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार कर गया, जिससे सभी 84 घाटों में पानी भर गया. इसके साथ 24 से ज्यादा जगहों पर बाढ़ की वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं. बात प्रयागराज की करें तो यहां लगभग 5 लाख लोग तो अपने घरों में फंसे हुए हैं या फिर कुछ लोगों ने बाढ़ राहत केंद्रों में शरण ली है.

6 नदियों में बढ़ा जलस्तर

यूपी में गंगा, युमना के साथ-साथ 6 नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इसमें सरयू, राप्ती, खरझार पहाड़ी नाला भी शामिल है. ऐसे में श्रावस्ती, बाराबंकी, गोंडा, मिर्जापुर, बलरामपुर के लोग भी बारिश और बाढ़ की कश्मकश में फंसे हुए हैं.

बात करें इस हफ्ते प्रयागराज के मौसम की तो यहां 9 अगस्त तक आंधी और तेज हवाओं के साथ बारिश वाला मौसम बना रहने की संभावना जताई गई है. वहीं महादेव की नगरी काशी में भी बारिश 11 अगस्त तक बारिश हो सकती है.

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