‘छोड़ो पत्थर पूजा, अब पूजो योगी-मोदी…’ ये क्या बोल गए BJP विधायक, फिर देने लगे सफाई
उत्तर प्रदेश के हरदोई में बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने एक विवादित बयान देकर राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी है. उन्होंने लोगों से पत्थर पूजा छोड़कर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को असली भगवान मानकर पूजने की अपील की. उनके इस बयान पर हंगामा मच गया है. हालांकि अब विधायक ने इसे अपना निजी मत और समाज को अंधविश्वास से दूर रहने की नसीहत बताया है.
उत्तर प्रदेश के हरदोई में अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में गांधी मैदान में कार्यक्रम चल रहा था. मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और कार्यक्रम के संयोजक में मिश्रिख सांसद अशोक रावत मौजूद थे. इसी बीच माइक थामकर गोपामऊ से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने महफिल ही लूट ली. उन्होंने एक ऐसा बयान दे दिया, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति और धर्म, दोनों गलियारों में बड़ी हलचल शुरू हो गई है.
दरअसल, केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में पीएम मोदी और सीएम योगी को ना केवल भगवान बता दिया, बल्कि उन्होंने लोगों से पत्थर पूजन छोड़ देने की अपील भी कर दी. माइक थामते ही विधायक श्याम प्रकाश ने साफ शब्दों में कहा कि पत्थरों को पूजना छोड़िए. आज के असली भगवान पीएम मोदी और सीएम योगी हैं. इनकी पूजा शुरू करिए. विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने पीएम सीएम की शान में खूब कसीदे गढ़े. वहीं, जब उनके बयान पर समाज में कानाफूसी शुरू हुई, तो उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में सफाई भी दे दी. कहा कि यह उनका निजी मत है.
कर्मकांड से दूर रहने की अपील
अपने संबोधन में विधायक श्याम प्रकाश समाज को पाखंड से दूर रहने की नसीहत दी. कहा कि लोग व्यर्थ के कर्मकांड में फंसे रहते हैं. जबकि देश और प्रदेश का विकास करने वाले नेतृत्व को ही असली सम्मान और पूजन मिलना चाहिए. विधायक के इस संबोधन से मंच पर मौजूद नेता असहज नजर आए. रोकने की भी कोशिश की, लेकिन विधायक अपनी रौ में बोलते चले गए. यही नहीं, अपनी बात पर भी अडिग रहे.
फिर ऐसे दी सफाई
कार्यक्रम के बाद मीडिया ने विधायक से इस संबंध में सवाल पूछना शुरू किया तो उन्हें भी एहसास हो गया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने मंच से जो भी कहा, वह उनका निजी मत है. उन्होंने कहा मेरे समाज के लोग अक्सर पाखंड और अंधविश्वास के जाल में फंस जाते हैं. मैंने उन्हें केवल यह संदेश दिया है कि पाखंड छोड़कर कर्म और समर्थ नेतृत्व पर विश्वास करें. फिलहाल विधायक का यह नया धर्म ज्ञान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब राजनीति में भक्ति का पैमाना पत्थरों से हटकर नेताओं पर टिक गया है.