धर्म क्या होता है? TV9 के मंच से कुमार विश्वास ने बताया
टीवी9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन में कुमार विश्वास ने धर्म की गहरी व्याख्या की. उन्होंने बताया कि धर्म मनुष्य को पशु से आदमी बनाता है और अध्यात्मिक चेतना से जोड़ता है. धर्म की रक्षा करने वाला स्वयं सुरक्षित रहता है. उन्होंने शंकराचार्य प्रकरण पर भी टिप्पणी करते हुए आपसी सदभाव और संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया. कहा कि हर धर्म जोड़ने की बात करता है.
टीवी9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन कार्यक्रम में मंगलवार को कवि कुमार विश्वास पहुंचे. कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न विषयों पर बेबाक टिप्पणी की और सवालों के जवाब दिए. इस दौरान खासकर धर्म शब्द को उन्होंने अलग अलग तरीके से परिभाषित करने की कोशिश की. एक सवाल के जवाब में उनहोंने कहा कि धर्म की जो रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है. कहा कि मनुष्य पहले पशु था, लेकिन इस धर्म ने ही मनुष्य को पशु से आदमी बनाया.
उन्होंने कहा कि सही मायने में अध्यात्मिक चेतना की नियमावली ही धर्म है. इसे समझाते हुए उन्होंने कहा कि अभी हम बात कर रहे हैं, धर्म नहीं तत्व है. यदि 25 एलईडी लगाकर यहां कोई ना आए तो यह किस काम का. उन्होंने कहा कि धर्म उसकी रक्षा करेगा, जिसकी रक्षा की चिंता ही नहीं. उन्होंने कहा कि धर्म बहुत बड़ा विषय है. इसे किसी एक शब्द या एक वाक्य में पिरोया नहीं जा सकता.
धर्म के व्याख्याकार जोड़ने नहीं देते
उन्होंने उदाहरण के तौर पर महर्षि रमन की कहानी सुनाई. कहा कि धर्म आदमी को आदमी से नहीं जोड़ता, धर्म मनुष्य को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ता है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दुनिया का हर धर्म जोड़ता है, लेकिन धर्म के व्याख्याकार जोड़ने नहीं देते. इससे समाज में विवाद की स्थिति बनती है. सभी धर्मों में आपसी सदभाव और एक दूसरे के हित का ध्यान रखने की बात कही गई है.
शंकराचार्य प्रकरण पर भी की टिप्पणी
टीवी9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन में कवि कुमार विश्वास ने उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य प्रकरण को लेकर भी टिप्पणी की. कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में शंकराचार्य की भूमिका पितामह के तौर पर है. इस परंपरा के तहत हमारी औकात ही नहीं कि उनके बारे में कुछ बोल सकें. इस दौरान उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि जो व्यवस्था के लोग हैं, उन्हें भी समझना चाहिए. इस दौरान उन्होंने साधु संतों को भी संयम बरतने की बात कही.