‘आयोग की भी नहीं सुनते अधिकारी…’68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने घेरा मंत्री का आवास
यूपी में 68500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वे राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें 40% अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयोग के आदेश के बावजूद सरकार सुनवाई नहीं कर रही है.
उत्तर प्रदेश में साल 2018 में हुए 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण से जुड़े मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संतुतियों को लागू करने की मांग की. कहा कि इस भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के खिलाफ वह पांच साल से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे.
जबकि इस मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से स्पष्ट संस्तुति कम आदेश जारी हो चुका है. बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने पहुंचे अभ्यर्थियों के मुताबिक इस आदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग में 150 पूर्णांक में 60 अंक अर्थात 40 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण माना गया है. इसी के साथ आयोग ने इन्हें नियुक्ति देने के आदेश दिए थे. कहा कि आयोग ने इस निर्णय से ओबीसी के अलावा दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को भी न्याय देने की कोशिश की.
आदेश पर अमल की मांग
प्रदर्शनकारियों ने इस आदेश को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया. कहा कि आयोग के आदेश के बाद भी ना तो शासन स्तर पर कोई पहल हुई और ना ही संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई की. अभ्यर्थियों कहा कि इसी आदेश पर अमल की मांग को लेकर उन लोगों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मुलाकात होगी.
एहसान नहीं अधिकार दे सरकार
मंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के अगुवा तूफान सिंह के मुताबिक उन्हें किसी का एहसान नहीं चाहिए, बल्कि वह अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं. इसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से पहले ही आदेश जारी हो चुका है. सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को इस आदेश पर अमल करना चाहिए.
