न्यूनतम वेतन 20 हजार करने को सरकार ने बताया अफवाह, नोएडा-गाजियाबाद में इतना बढ़ा
उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही उस खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि राज्य में मजदूरों का न्यूनतम वेतन ₹20 हजार प्रति माह कर दिया गया है. सरकार ने इसे अफवाह बताया है और आम जनता से केवल अधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की अपील की है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 20,000 महीने निर्धारित करने के फैसले को अफवाह बताया है. यह खबर पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है. सरकारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार नई श्रम संहिताओं के तहत देशव्यापी ‘फ्लोर वेज’ तय करने की प्रक्रिया में है. इसका मकसद पूरे देश में श्रमिकों को एक समान न्यूनतम आधारभूत वेतन सुनिश्चित करना है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा इतना बढ़ा श्रमिकों का न्यूनतम वेतन
इस बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों श्रमिक आंदोलन और हिंसक प्रदर्शनों के बाद योगी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में इजाफा करने का फैसला किया है. स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में 1,000 से लेकर करीब 3,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. नया शासनादेश एक अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा.
सरकार ने गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया है यानी 2,377 रुपये का इजाफा हुआ है. अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,445 रुपये से बढ़कर 15,059 रुपये हो गई है जिसमें 2,614 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वहीं कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,940 रुपये से बढ़कर 16,868 रुपये कर दी गई है यानी 2,928 रुपये का फायदा मिलेगा.
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में इतनी बढ़ोतरी
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों को 11,313 रुपये से 13,006 रुपये यानी 1,693 रुपये ज्यादा मिलेंगे, अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,445 से 14,306 रुपये हो गई है जिसमें 1,861 रुपये का इजाफा हुआ है. कुशल श्रमिकों के लिए यह 13,940 से बढ़कर 16,025 रुपये कर दी गई है यानी 2,085 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
अन्य जिलों के श्रमिकों के भी न्यूनतम वेतम में बढ़ोतरी
इसी तरह अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़कर 12,356 रुपये यानी 1,043 रुपये ज्यादा हो गई है. अर्धकुशल श्रमिकों को 12,445 से 13,591 रुपये मिलेंगे जिसमें 1,146 रुपये का इजाफा हुआ है. कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,940 से बढ़कर 15,224 रुपये कर दी गई है यानी 1,284 रुपये की वृद्धि हुई है.
वेज बोर्ड के अनुशंसा के आधार पर लिया जाएगा फैसला
सरकार ने स्पष्ट किया कि नई श्रम संहिताओं की नियमावली अभी प्रख्यापन की प्रक्रिया में है. इस बीच उद्योग जगत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और निर्यात में आई कमी का सामना कर रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों पक्षों (नियोक्ता और श्रमिक) के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाने का संकेत दिया है. सरकार आगामी माह में वेज बोर्ड (Wage Board) गठित करेगी. वेज बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर न्यूनतम वेतन में तात्कालिक अंतरिम वृद्धि का फैसला लिया जाएगा.
सीएम योगी की जनता से अपील
सीएम योगी ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें. उन्होंने नियोक्ता संगठनों से भी सख्त अपील की है कि वे श्रमिकों को नियमानुसार समय पर वेतन भुगतान, ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस, सामाजिक सुरक्षा के सभी लाभ देने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं.सीएम योगी ने अराजक तत्वों और बाहरी शक्तियों द्वारा की जा रही गैर-कानूनी गतिविधियों की निंदा की है. ऐसे तत्वों को चिन्हित कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं.