मेयर के अधिकारों पर लगाम! सीएम योगी का सख्त रुख, बोले- इन्फ्रास्ट्रक्चर के कामों में देरी बर्दाश्त नहीं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक की. वो अवस्थापना कार्यों में देरी और बजट दुरुपयोग को लेकर सख्त नजर आए. उन्होंने मेयरों के अधिकारों पर पुनर्विचार की चेतावनी दी, ताकि परियोजनाओं में पारदर्शिता और सही समय पर पूरा किया जा सके. लखनऊ समेत कई नगर निगमों में बजट उपयोग में लापरवाही और समन्वय की कमी की शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएम ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए.

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) Image Credit:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अवस्थापना कार्यों में देरी और बजट के दुरुपयोग को लेकर कड़ा रुख अपनाया. बैठक में सीएम ने मेयरों के अधिकारों पर दोबारा विचार करने की चेतावनी दी, ताकि परियोजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और समयबद्ध तरीके से काम पूरा हो. सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ समेत कई नगर निगमों में अवस्थापना मद के बजट के उपयोग में लेटलतीफी और मेयर-नगर आयुक्तों के बीच तालमेल की कमी की शिकायतें सामने आई थीं. सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ईईएसएल बकाया भुगतान का आदेश

सीएम ने सभी नगर निगमों को ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) का बकाया भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बजट का सही और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना होगा, ताकि जनहित के कार्यों में कोई रुकावट न आए.

30 सितंबर तक पीडब्ल्यूडी सौंपेगा कार्ययोजना

समीक्षा बैठक में सड़क मरम्मत और पुनर्स्थापना के कार्यों पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि 2,750 किमी सड़कों को रेस्टोरेशन और विशेष मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया है. ग्रामीण विकास विभाग ने 62.99%, नगर विकास विभाग ने 35.50%, और अवस्थापना व औद्योगिक विकास विभाग ने 48.77% प्रगति का दावा किया. सीएम ने इन दावों की गहन समीक्षा के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 30 सितंबर तक सर्वे पूरा कर कार्ययोजना सौंपने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इसके बाद सड़क मरम्मत का काम तेजी से शुरू किया जाए.

उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर जोर

सीएम योगी ने उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर की रूपरेखा पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ज्यादातर राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पूर्व-पश्चिम को जोड़ते हैं, लेकिन अब नेपाल सीमा से लेकर दक्षिणी जिलों तक सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत है. इस कॉरिडोर के विकास से प्रदेश के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.

दशहरा-छठ तक गड्ढामुक्त होंगी सड़कें

मानसून के कारण खराब हुई सड़कों को दशहरा और छठ पूजा से पहले दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है. सीएम ने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी इलाकों की टूटी सड़कों, हाईवे, और एक्सप्रेसवे के गड्ढों को दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, और छठ से पहले भरकर सड़कों को सुगम बनाया जाए. अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 4,32,989 किमी की 6,78,301 सड़कों में से 44,196 किमी को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य है.

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

समीक्षा के दौरान सीएम ने एनएचएआई, मंडी परिषद, पीडब्ल्यूडी, ग्राम विकास, पंचायती राज, नगर विकास, सिंचाई, गन्ना एवं चीनी विकास विभागों के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. बेहतर प्रदर्शन न करने वाले विभागों को काम में तेजी लाने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी. सीएम योगी की इस सख्ती और समयबद्ध कार्ययोजना से प्रदेश में अवस्थापना विकास और सड़क सुधार कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.

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