48 साल पहले दंगे में घर के मुखिया की हुई थी हत्या, अब कब्रिस्तान से छुड़ाई गई जमीन पर मिलेगा परिवार को नया घर
साल 1978 में संभल में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान रामशरण रस्तोगी की हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद उनका शव कुएं में डाल दिया गया था.इस भयावह घटना के बाद पूरा परिवार डर के कारण संभल छोड़कर दिल्ली चला गया था. अब 48 साल बाद अब इस परिवार को ग्राम शेर खां सराय क्षेत्र में 100 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है. जहां प्रशासन द्वारा भूमि का औपचारिक कब्जा दिलाकर नए आवास की नींव रखी जाएगी.
संभल में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया है. अब इस जमीन पर अब 1978 के सांप्रदायिक दंगों के पीड़ित परिवार को बसाने की तैयारी है. दंगे के दौरान परिवार ने अपना मुखिया खो दिया था. डर के कारण संभल छोड़कर पलायन कर गया था. ये परिवार सालों तक न्याय और पुनर्वास के लिए भटकता रहा था. लेकिन अब डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई की मौजूदगी में परिवार को जमीन का पट्टा सौंपा जाएगा.
संभल में दंगे घर के मुखिया की कर दी गई थी हत्या
साल 1978 में संभल में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान रामशरण रस्तोगी की हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद उनका शव कुएं में डाल दिया गया था.इस भयावह घटना के बाद पूरा परिवार डर के कारण संभल छोड़कर दिल्ली चला गया था.परिवार ने लंबे समय तक न्याय और पुनर्वास के लिए संघर्ष किया.आखिरकार मुख्यमंत्री की पहल के बाद इस पीड़ित परिवार को अब करीब 48 साल बाद पुनर्वास का अधिकार मिला है.
पुलिस ने क्या बताया?
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन ने जांच के बाद पुष्टि की कि रस्तोगी परिवार संभल का मूल निवासी है और दंगों के कारण उन्हें पलायन करना पड़ा था. अब इस परिवार को ग्राम शेर खां सराय क्षेत्र में 100 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है. जहां प्रशासन द्वारा भूमि का औपचारिक कब्जा दिलाकर नए आवास की नींव रखी जाएगी. बुधवार यानी 03 जून को इस प्रक्रिया की शुरुआत होंगी , जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी.
भारी पुलिस बल के बीच प्रशासन की कार्रवाई
इस बीच भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया. फिर तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कराई. अब बुलडोजर चलाकर जमीन को रहने लायक बनाया गया.अब इसी जमीन पर बनेगा इस परिवार का नया आशियाना. सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर नियमानुसार दंगा पीड़ित परिवार को पट्टा दिया जाएगा. जल्द ही आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी.