गई थी अरेस्ट करने, खुद मर्डर केस में फंसी लखनऊ पुलिस; शाहजहांपुर में दर्ज हुई FIR
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में लखनऊ पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि गिरफ्तारी के लिए गई टीम ने कथित तौर पर एक शख्स को छत से फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. पीड़ित महिला की शिकायत पर शाहजहांपुर पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है.
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में दबिश के लिए गई लखनऊ पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है. आरोप है कि देर रात पुलिस टीम एक महिला के घर में जबरन घुसी और उसके पति को पकड़कर छत से नीचे फेंक दिया. इससे महिला के पति की मौत हो गई. घटना के बाद दिन भर जमकर हंगामा हुआ. इसी दौरान महिला ने एसपी शाहजहांपुर को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दी. इस शिकायत के आधार पर शाहजहांपुर की निगोही थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है.
पीड़िता महिला ने एसपी शाहजहांपुर को दिए शिकायत में बताया कि मंगलवार की देर रात वह अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी. इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया. उन्होंने दरवाजा खोला तो सभी पुलिसकर्मी जबरन अंदर घुस आए और उसके पति को पकड़ लिया. पीड़िता के मुताबिक उन्होंने पुलिस वालों से गिरफ्तारी की वजह पूछनी चाही, लेकिन इतने में पुलिस वालों ने उसके पति को छत से नीचे फेंक दिया.
मौत के बाद हुआ बवाल
पीडिता के मुताबिक इस घटना में उसके पति की मौत हो गई. वहां से जाते जाते पुलिसकर्मियों ने उसके घर की तलाशी ली और नगदी, जेवर एवं अन्य कीमती सामान समेटकर अपने साथ ले गए. महिला के शोर मचाने पर पास पड़ोस के लोग आए और फिर पूरे दिन हंगामा चला. अब शाहजहांपुर पुलिस ने महिला की तहरीर पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस दे रही ये तर्क
पुलिस के मुताबिक लखनऊ के मलिहाबाद की एक घटना को लेकर उमेश गुप्ता के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था. इसी मामले में मलिहाबाद पुलिस ने दबिश देने आई थी. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के डर से भागते समय उमेश गुप्ता छत से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई. जबकि महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पति को सोते समय उठाया और छत से नीचे फेंक दिया था.
क्या है मामला
पुलिस के मुताबिक लखनऊ में वर्ष 2025 के दौरान एक ज्वेलरी शॉप में चोरी हुई थी. इस मामले में उमेश गुप्ता पर चोरी का माल खरीदने का आरोप लगा था. इस मामले की सुनवाई के दौरान मलिहाबाद पुलिस ने कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर उमेश गुप्ता को पकड़ने आई थी. हालांकि मामला उल्टा पड़ने पर पुलिस टीम के ऊपर ही एफआईआर दर्ज हो गई है.