फिल्म में निवेश का झांसा, 41 लोगों से 1.77 करोड़ की ठगी; शामली में डायरेक्टर दंपत्ति अरेस्ट
उत्तर प्रदेश के शामली में पुलिस ने फिल्म में निवेश के नाम पर 1.77 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक डायरेक्टर दंपति को गिरफ्तार किया है. आरोपी हिमांक प्रशांत और सुरभि भार्गव ने 41 लोगों से धोखाधड़ी की. पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है.
उत्तर प्रदेश में शामली पुलिस ने एक फिल्म डायरेक्टर दंपत्ति को अरेस्ट किया है. इस दंपत्ति ने फिल्म में निवेश के नाम पर 41 लोगों से 1.77 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है. आरोपी दंपत्ति की पहचान मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हिमांक प्रशांत और उसकी पत्नी सुरभि के रूप में हुई है. हिमांक ने दिल्ली में रहकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई की और इसके बाद मुंबई जाकर शॉर्ट फिल्मे डायरेक्ट करने लगा था.
पुलिस के मुताबिक आरोपी हिमांक प्रशांत पुत्र जनक राज तिवारी आज़ाद नगर मुंबई में रहता था. वहीं उसकी पत्नी सुरभि भार्गव शामली में गली नंबर दो बहल नर्सिंग होम, गगन विहार की रहने वाली है. इस आरोपी दंपत्ति की इस हरकत से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री शर्मसार हो गई है. पुलिस पूछताछ में हिमांक प्रशांत ने बताया कि वह विज्ञापन फिल्म की कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में मुंबई आया था. यहीं पर उसकी मुलाकात शॉर्ट फिल्म राघव से हुई.
ऐसे शुरू हुआ ठगी का खेल
उसने बताया कि शॉर्ट फिल्म डायरेक्ट करने के लिए फाइनेंसर की तलाश थी. इसी क्रम में वह राघव के दिल्ली में रहने वाले परिचित हर्षित उर्फ ऋतिक के संपर्क में आया. हर्षित ने ही हिमांक को बताया कि उसके कुछ बड़े लोगों से लिंक हैं, जिन्हें करंट अकाउंट की जरूरत है, जिसमें करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन होगा और अच्छा कमीशन मिलेगा. इसके बाद हिमांक प्रशांत और उसकी पत्नी सुरभि भार्गव ने दिल्ली के पालिका बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक “हिमांक प्रशांत नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड” के नाम से 18 मार्च 2024 को करंट अकाउंट खुलवाया था.
हर्षित ऑपरेट करता था अकाउंट
आरोपी ने पुलिस को बताया कि इस खाते का पूरा एक्सेस हर्षित के पास था. उसने बताया कि इस खाते में 8 अप्रैल 2024 को एक ही दिन में 98 लाख 38 हजार 276 रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ. यह ट्रांजैक्शन देश के अलग-अलग राज्यों के खातों से किया गया था. पुलिस के मुताबिक अब तक कुल 41 शिकायतों में 1 करोड़ 77 लाख 24 हजार 87 रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है. एसपी शामली नागेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक आरोपियों का एक संगठित गिरोह है. इसमें कुछ अन्य सदस्यों की जानकारी मिली है. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.