ये है UP का सबसे कमाईदार जिला, केवल खनन से ही भर दिया सरकारी खजाना
उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला खनन से सर्वाधिक राजस्व अर्जित कर प्रदेश का सबसे बड़ा कमाईदार जिला बन गया है. इस जिले ने सरकारी खजाने में ₹678.28 करोड़ जमा किए हैं. यह आंकड़ा अन्य जिलों से कहीं अधिक है, जो सोनभद्र को प्रदेश की आर्थिक ताकत के रूप में स्थापित करता है. महोबा और हमीरपुर जैसे जिलों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया, जबकि कुछ जिले पिछड़ गए. यह उपलब्धि खनिज राजस्व संग्रह में सख्त निगरानी और पारदर्शिता का परिणाम है.
उत्तर प्रदेश का जिला सोनभद्र एक बार फिर अपनी पहचान पर खरा उतरा है. केवल खनन के दम पर इस जिले ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान दिया है. खनिज संपदा से भरपूर इस जिले ने अब तक 678 करोड़ 28 लाख रुपये का राजस्व सरकारी खजाने में जमा किया है. यह आंकड़ा प्रदेश के बाकी 74 जिलों की अपेक्षा काफी ज्यादा है. इस उपलब्धि के साथ सोनभद्र प्रदेश की आर्थिक ताकत बनकर उभरा है.
इस समय उत्तर प्रदेश में खनिज और उपखनिज से जमा होने वाले राजस्व में काफी उछाल आया है. सख्त निगरानी, प्रभावी कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था के चलते कई जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि इनमें सोनभद्र ने सबसे ज्यादा राजस्व जमाकर सबसे बड़ा कमाईदार जिला बन गया है. इस जिले ने 678.28 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर कब्जा किया है.
दूसरे स्थान पर रहा महोबा
इसी कड़ी में 394.9 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह के साथ महोबा दूसरे स्थान पर है. राजस्व के मामले में हमीरपुर जिले ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. इस जिले में कुल 389.61 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई है. इस प्रकार यह जिला प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा कमाईदार जिला बन गया है. वहीं, सहारनपुर 227.58 करोड़, जालौन 225.62 करोड़ और झांसी 215.83 करोड़ रुपये के साथ क्रमशः अगले पायदानों पर रहे.
फतेहपुर रहा फीसड्डी
इसी प्रकार बांदा ने 209.98 करोड़ और प्रयागराज ने 136.9 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है. राजस्व वसूली में कुछ जिले फीसड्डी साबित हुए हैं. इनमें से एक फतेहपुर में केवल 40.31 करोड़ रुपये की वसूली हुई है. वहीं कौशांबी में 24.41 करोड़ रुपये का ही राजस्व जमा हो सका है.