प्रतापगढ़ जेल में बंद पॉक्सो आरोपी की आग में जलकर मौत, हेड वार्डर समेत तीन निलंबित
प्रतापगढ़ जिला कारागार में पॉक्सो आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जलकर मौत हो गई. पेड़ की टहनियों में आग लगने के बाद उसका शव मिला. घटना के बाद से हड़कंप मचा है, इस बीच तीन जेल कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है. डीआईजी जेल मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं.
प्रतापगढ़ जिला कारागार में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बंदी की संदिग्ध परिस्थिति में जला हुआ शव बरामद किया गया. जेल के अंदर इकट्ठा किए गए पेड़ की टहनियों में आग लगी थी, आग को बुझाया गया तो बंदी का शव मिला. घटना के बाद से जेल प्रशासन में खलबली मच गई. डीआईजी जेल मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, यह घटना लगभग 12.02 बजे की है. बंदियों की गिनती के बाद मृतक की पहचान दीपक उर्फ राहुल के रूप में हुई. दीपक पुत्र शान्ती प्रसाद, उन्नाव के माखी थाना का रहने वाला था. वह कंधई थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा में जेल में बंद था. वहीं, घटना के बाद तीन जेल कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है.
लकड़ी के ढेर के नजदीक जाते सीसीटीवी फुटेज
घटना की सूचना पर ADM आदित्य प्रजापति और ASP पूर्वी फोर्स के साथ डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता भी मौके पर पहुचे. इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं. देर शाम प्रतापगढ़ पहुंचे उप महानिरीक्षक (डीआइजी) कारागार प्रदीप गुप्ता ने बताया कि बंदी ने आत्महत्या की है, घटना की जांच कराई जा रही है.
शुरूआत जांच में बंदी को बैरक से निकलकर लकड़ी के ढेर के नजदीक जाते सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. जेल प्रशासन का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है. जब आग ने जोर पकड़ा तो वह चीखा तो साथी कैदियों में उसे बचाने की कोशिश की, ज्यादा जल जाने से वह अचेत पड़ा था. उसे जेल के अस्पताल में लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया.
ये तीन जेल कर्मी निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चोन्हर कुमार (हेड जेल वार्डर), अखिलेश सिंह (हेड जेल वार्डर) और ध्रुव नारायन श्रीवास्तव (उप कारापाल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही मामले की विस्तृत जांच खुद डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता द्वारा की जा रही है.