दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी में हाई अलर्ट, होटलों में फायर सेफ्टी चेकिंग अभियान तेज

दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी में हाई अलर्ट है. प्रशासन ने होटलों में फायर सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान छेड़ा है. मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में टीमें होटलों के उपकरण, आपातकालीन निकास और स्टाफ ट्रेनिंग की जांच कर रही हैं. होटल मालिकों को विशेष हिदायत दी जा रही है.

दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी में हाई अलर्ट Image Credit:

दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में प्रशासन अलर्ट हो गया है. प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने होटलों में फायर सेफ्टी चेकिंग अभियान छेड़ा है. मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में टीमें होटलों के उपकरण, आपातकालीन निकास और स्टाफ ट्रेनिंग की जांच कर रही हैं. नोएडा और महोबा से लेकर मुरादाबाद तक चेकिंग अभियान तेज है.

नोएडा में फायर सेफ्टी विभाग के द्वारा होटलों जांच पड़ताल की गई. पूरे जिले में चेकिंग अभियान के लिए 9 टीमों का गठन किया गया है. मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप चौबे ने दर्जन भर होटलों में चेकिंग अभियान चलाया. कई होटलों के पास फायर की NOC नहीं मिली. CFO ने कहा जिन होटलों के पास NOC नहीं मिली है उनको नोटिस भेजा जाएगा.

मुरादाबाद में 100 से अधिक होटलों को NOC जारी

मुरादाबाद के CFO डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक हफ्ते का विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया है. सीएफओ ने बताया कि विभाग की दो टीमें रोजाना जिले के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण कर रही हैं. इस अभियान के तहत होटलों में मौजूद फायर एक्सटिंग्विशर, होज़ रील, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम और आपातकालीन निकास की जांच की जा रही है.

मुरादाबाद में अब तक 100 से अधिक होटलों को फायर विभाग द्वारा NOC जारी की जा चुकी है, जिन होटलों के पास वैध एनओसी नहीं है या जहां सुरक्षा मानकों में कमियां पाई जा रही हैं, उन्हें विभाग द्वारा कड़ा नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई की जा रही है. साथ ही CFO की ओर से होटल संचालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

महोबा और मेरठ में भी फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन तेज

CFO ने कहा कि केवल उपकरण होना काफी नहीं है, बल्कि होटल स्टाफ का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है. उन्होंने गैस लीकेज और शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण बताते हुए समय पर गैस पाइप बदलने और विद्युत सुरक्षा निदेशालय से ‘इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट’ कराने की अपील की है. इसके अलावा, आपातकालीन निकास द्वार अनिवार्य किया है.

महोबा जिले में भी प्रशासन सतर्क है. फायर डिपार्टमेंट की टीमें जिले के होटलों, गेस्ट हाउस और कमर्शियल जगहों पर फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन कर रही हैं. वहीं, मेरठ में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए विभाग ने तीन विशेष टीमों का गठन किया है. ये टीमें शहर के होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल और मॉल में अग्नि सुरक्षा मानकों की गहन जांच कर रही हैं.

Follow Us