यूपी में अभी और सताएगी सर्दी, कोहरे की चादर से ढके कई जिले, 3 डिग्री तक गिरेगा तापमान!
प्रदेश के अधिकतर जिलों में पछुआ हवा चलने के चलते 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है.24 घंटे के दौरान 6 डिग्री सेल्सियस के साथ अयोध्या सबसे ठंडा जिला रहा. इसके अलावा बरेली और कानपुर में 7 डिग्री से नीचे तापमान दर्ज किया गया.
दिसंबर में ठंड अब अपना असल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. कोहरे के चलते कई जिलों विजिबिलिटी लो हो रिकॉर्ड की गई. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक आगे भी सर्दी बढ़ेगी. इस दौरान तापमान 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है.
तापमान में 2 से 3 डिग्री आई है गिरावट
बता दें कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में पछुआ हवा चलने के चलते 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है. आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटे में वाराणसी,अयोध्या, चित्रकुट, प्रयागराज, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, गोरखपुर, कौशाम्बी, चंदौली में सुबह सवेरे कोहरे की हल्की चादर नजर आएगी. हालांकि, दिन में आसमान खुला रहेगा और मौसम सामान्य बना रहेगा.
अयोध्या रहा सबसे ठंडा जिला
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ठंडा जिला अयोध्या रहा. यहां न्यूनतम तापमाम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. फिर बरेली और कानपुर में 6.7, बाराबंकी में 7 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 7.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं, अधिकतम तापमान की बात करें तो कानपुर में सबसे ज्यादा 28 डिग्री रहा. फिर वाराणसी में 27.4 और प्रयागराज, झांसी में 27.3 रहा. इसके अलावा हमीरपुर में 27.2 अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया.
शीतलहर की घटनाएं बढ़ेंगी
मौसम विभाग की मानें तो इस साल प्रदेश में ठंड ज्यादा देखने को मिल सकती है. शीत लहर (कोल्ड वेव) की घटनाएं सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है. इसके अलावा मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से नीचे रहने की संभावना है.
वायू प्रदूषण से अब भी राहत नहीं
प्रदेश के बड़े महानगरों में प्रदूषण की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं है. नोएडा में पीएम 2.5 का एक्यूआई इंडेक्स 293 पाया गया. गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 दर्ज किया गया. मेरठ में भी एक्यूआई 194 पाया गया. इसके अलावा वाराणसी और लखनऊ में 131 और 189 एक्यूआई इंडेक्स पाया गया. बता दें कि प्रदेश में जिस तरह का एयर क्वालिटी श्रेणी है. उससे सांस लेने में समस्या हो सकती है. फेफड़े, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी महसूस हो सकती है.