सपा विधायक आलम बदी का 90 साल की उम्र में निधन, 5 बार बने MLA, सादगी के लिए थे मशहूर

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक आलम बदी का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया. लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया था. उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन से राजनीतिक हल्कों में शोक की लहर है.

सपा के सबसे उम्रदराज विधायक का निधन Image Credit:

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक आलम बदी आजमी का बुधवार देर रात निधन हो गया. वह 90 साल के थे और पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था. उनके निधन से सपा और पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई.

जानकारी के अनुसार, आलम बदी को करीब चार दिन पहले लखनऊ के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी. इसके बाद उन्हें आजमगढ़ स्थित उनके आवास ले जाया गया था. बुधवार देर रात उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक, शुभचिंतक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उनके घर पहुंचने लगे.

कुछ महीने पहले स्कूटर से विधानसभा पहुंचे थे

आलम बदी आजमी उत्तर प्रदेश के सबसे उम्रदराज विधायकों में गिने जाते थे. उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में पांच बार विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का प्रतिनिधित्व किया. सादगी, सहज व्यवहार और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण उनकी अलग पहचान थी. उम्र के इस पड़ाव पर भी वह राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे.

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आलम बदी कुछ महीने पहले स्कूटर से विधानसभा पहुंचने को लेकर भी चर्चा में आए थे, जिसकी काफी सराहना हुई थी. उनके निधन की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी, सपा विधायक नफीस अहमद, उनके बेटे मुस्तजाब आलम बाबू समेत कई नेता और समर्थक उनके आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की.

2022 में BJP उम्मीदवार को हरा 5वीं बार MLA बने

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट पर आलम बदी के निधन पर शोक जताया और श्रद्धांजलि अर्पित की. आलम बदी के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी और पूरी सादगी के साथ राजनीति की. आज दोपहर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होंगे.

विधायक आलमबदी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में हुआ था. उनकी पत्नी का नाम कुदैशा खान है. दोनों से 6 बच्चे हैं. आलमबदी ने साल 1996 में पहली बार सपा से चुनाव लड़ा था. उन्हें आजमगढ़ की निजामाबाद सीट में जीत मिली. इस सीट से 1996 से 2007 तक लगातार विधायक रहे. साल 2022 में बीजेपी को हराकर पांचवीं बार विधायक बने थे.

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